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Mahendragarh-Narnaul News: जलभराव, कूड़ा और सीवरेज समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद को मिले 1.33 करोड़ के संसाधन
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फोटो नंबर-05नारनौल की नगर परिषद में खड़े नए वाटर पंप सेट। संवाद
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नारनौल। लंबे समय से संसाधनों की कमी का सामना कर रही नगर परिषद को अब करीब 1.33 करोड़ रुपये की लागत से नई मशीनें और वाहन मिल गए हैं। इन संसाधनों के आने से कूड़ा उठान, सीवरेज सफाई, जलभराव से निपटने और मच्छर नियंत्रण जैसे काम पहले से अधिक तेजी से हो सकेंगे।
अब तक पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण कर्मचारियों को कई कामों के लिए निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता था। इससे कई बार शिकायतों के निपटारे में देरी होती थी। नई मशीनों के आने से कर्मचारियों को काम करने में सुविधाएं मिल सकेंगी।।
कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 50 लाख रुपये से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नगर परिषद में पहुंच चुकी हैं। वहीं नालियों, सीवरेज और कीचड़ की सफाई के लिए करीब 20 लाख रुपये की डिसिल्टिंग मशीन भी उपलब्ध हो गई है। यह मशीन जलभराव जैसी समस्याओं में भी मददगार साबित होगी।
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अतिक्रमण हटाने, मलबा उठाने और भारी कामों के लिए करीब 25 लाख रुपये की जेसीबी मशीन व 15 लाख रुपये का लोडर भी नगर परिषद को मिल गया है। शहर में पानी के छिड़काव के लिए करीब पांच लाख रुपये का पानी टैंकर खरीदा गया है।
बरसात के समय जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए 13 लाख रुपये की लागत से पांच वाटर पंप भी उपलब्ध हो गए हैं। इसके अलावा मच्छरों की रोकथाम के लिए करीब चार लाख रुपये की दो फॉगिंग मशीनें खरीदी गई हैं। पार्कों में घास कटाई के लिए करीब एक लाख रुपये की दो मशीनें भी जल्द आने की संभावना है।
वर्जन:
नगर परिषद में संसाधनों के अभाव के कारण समय पर काम करने में परेशानी हो रही थी। अब करोड़ों रुपये की लागत से नई मशीनें आ जाने से काफी राहत मिलेगी। सभी मशीनें आधुनिक है और कर्मचारियों को इनके प्रयोग करने के बारे में भी जानकारी दी जा रही।
-राकेश पुनिया, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल
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अब तक पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण कर्मचारियों को कई कामों के लिए निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता था। इससे कई बार शिकायतों के निपटारे में देरी होती थी। नई मशीनों के आने से कर्मचारियों को काम करने में सुविधाएं मिल सकेंगी।।
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कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 50 लाख रुपये से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नगर परिषद में पहुंच चुकी हैं। वहीं नालियों, सीवरेज और कीचड़ की सफाई के लिए करीब 20 लाख रुपये की डिसिल्टिंग मशीन भी उपलब्ध हो गई है। यह मशीन जलभराव जैसी समस्याओं में भी मददगार साबित होगी।
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अतिक्रमण हटाने, मलबा उठाने और भारी कामों के लिए करीब 25 लाख रुपये की जेसीबी मशीन व 15 लाख रुपये का लोडर भी नगर परिषद को मिल गया है। शहर में पानी के छिड़काव के लिए करीब पांच लाख रुपये का पानी टैंकर खरीदा गया है।
बरसात के समय जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए 13 लाख रुपये की लागत से पांच वाटर पंप भी उपलब्ध हो गए हैं। इसके अलावा मच्छरों की रोकथाम के लिए करीब चार लाख रुपये की दो फॉगिंग मशीनें खरीदी गई हैं। पार्कों में घास कटाई के लिए करीब एक लाख रुपये की दो मशीनें भी जल्द आने की संभावना है।
वर्जन:
नगर परिषद में संसाधनों के अभाव के कारण समय पर काम करने में परेशानी हो रही थी। अब करोड़ों रुपये की लागत से नई मशीनें आ जाने से काफी राहत मिलेगी। सभी मशीनें आधुनिक है और कर्मचारियों को इनके प्रयोग करने के बारे में भी जानकारी दी जा रही।
-राकेश पुनिया, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल