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Mahendragarh-Narnaul News: कनीना सीएचसी में नहीं चर्म रोग विशेषज्ञ, मरीजों की बढ़ी परेशानी
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कनीना। उप नागरिक अस्पताल कनीना में चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। त्वचा से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
कनीना और आसपास के गांवों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी इलाज के लिए उप नागरिक अस्पताल पर निर्भर है। गर्मी और बरसात के मौसम में त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण उन्हें सही उपचार नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्र के पूर्व पार्षद मोहन सिंह, मुकेश, कंवर सैन, नवीन कुमार और नरेंद्र सिंह ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कनीना दौरे के दौरान भी चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग उठाई गई थी।
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लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती होती है तो हजारों मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलेगा और निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराने से राहत मिलेगी।
इंचार्ज डॉ. सुंदर लाल ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। फिलहाल त्वचा रोग से संबंधित गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जाता है। नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है।
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कनीना और आसपास के गांवों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी इलाज के लिए उप नागरिक अस्पताल पर निर्भर है। गर्मी और बरसात के मौसम में त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण उन्हें सही उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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क्षेत्र के पूर्व पार्षद मोहन सिंह, मुकेश, कंवर सैन, नवीन कुमार और नरेंद्र सिंह ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कनीना दौरे के दौरान भी चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग उठाई गई थी।
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लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती होती है तो हजारों मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलेगा और निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराने से राहत मिलेगी।
इंचार्ज डॉ. सुंदर लाल ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। फिलहाल त्वचा रोग से संबंधित गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जाता है। नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है।