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Mahendragarh-Narnaul News: गांव सेका की रितु बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:22 PM IST
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फोटो 01 रितु यादव
- फोटो : बोर्ड बैठक के दौरान मंचासीन सभापति महापौर व नगर आयुक्त। संवाद
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नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव सेका की रितु यादव एचपीएससी (हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनी हैं।
उन्होंने बताया कि 2025 में एचपीएससी की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां निकाली गई थीं। इसमें पहली बार आवेदन किया था। 8 जून 2025 को प्रारंभिक परीक्षा हुई। इसे पास करने के बाद 13 सितंबर को मुख्य परीक्षा हुई जिसमें सफलता प्राप्त करने के बाद 17 फरवरी को इंटरव्यू दिया था। कुछ दिन पहले रिजल्ट आया जिसमें उनका चयन हुआ है।
बताया कि उसके दादाजी कैप्टन अमरसिंह आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। उनका अधिकतर समय दादाजी के पास ही बीतता है। वह हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से कर्म करने की सीख देते थे।
रितु ने 12वीं तक की पढ़ाई मंढ़ाणा गांव में स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से हासिल की और जिले के गांव जाट पाली स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की शिक्षा ली। फिलहाल वह पीएचडी कर रही है।
तत्परता से तैयारी करने पर मिलती है सफलता
रितु का मानना है कि लड़कियों के लिए शिक्षा का पेशा सबसे सुरक्षित है। इसके अलावा अपने बच्चों को तो सब गाइड करते हैं, लेकिन दूसरे के बच्चों का मार्गदर्शन करने का मौका सबको नहीं मिलता। रितु ने शिक्षा ग्रहण कर रही लड़कियों के लिए कहा कि जब वह सरकारी स्कूल में पढ़कर इस मुकाम तक पहुंच सकती है, तो आप सब भी अपना भविष्य बना सकती हो। बस पूरी लगन के साथ पढ़ते रहो तो सफलता ना चाहते हुए भी मिलेगी ही मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि 2025 में एचपीएससी की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां निकाली गई थीं। इसमें पहली बार आवेदन किया था। 8 जून 2025 को प्रारंभिक परीक्षा हुई। इसे पास करने के बाद 13 सितंबर को मुख्य परीक्षा हुई जिसमें सफलता प्राप्त करने के बाद 17 फरवरी को इंटरव्यू दिया था। कुछ दिन पहले रिजल्ट आया जिसमें उनका चयन हुआ है।
बताया कि उसके दादाजी कैप्टन अमरसिंह आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। उनका अधिकतर समय दादाजी के पास ही बीतता है। वह हमेशा सच्चाई और ईमानदारी से कर्म करने की सीख देते थे।
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रितु ने 12वीं तक की पढ़ाई मंढ़ाणा गांव में स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से हासिल की और जिले के गांव जाट पाली स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की शिक्षा ली। फिलहाल वह पीएचडी कर रही है।
तत्परता से तैयारी करने पर मिलती है सफलता
रितु का मानना है कि लड़कियों के लिए शिक्षा का पेशा सबसे सुरक्षित है। इसके अलावा अपने बच्चों को तो सब गाइड करते हैं, लेकिन दूसरे के बच्चों का मार्गदर्शन करने का मौका सबको नहीं मिलता। रितु ने शिक्षा ग्रहण कर रही लड़कियों के लिए कहा कि जब वह सरकारी स्कूल में पढ़कर इस मुकाम तक पहुंच सकती है, तो आप सब भी अपना भविष्य बना सकती हो। बस पूरी लगन के साथ पढ़ते रहो तो सफलता ना चाहते हुए भी मिलेगी ही मिलेगी।