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Haryana: भ्रूण लिंग जांच के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दबोचे गए छह आरोपी; पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:18 PM IST
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सार
भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया है। यह कार्रवाई हरियाणा से राजस्थान तक चली, जिसमें टीम ने कोटपूतली पहुंचकर तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया।
लिंग जांच मामले में छह आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
महेंद्रगढ़ जिला पीसी एंड पीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया है। यह कार्रवाई हरियाणा से राजस्थान तक चली, जिसमें टीम ने कोटपूतली पहुंचकर तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। वहीं, पहले से लिंग जांच कराने पहुंची एक महिला भी टीम को मिली। रेडिंग टीम ने मौके से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, नेक्सॉन व स्विफ्ट डिजायर कार और बुलेट मोटरसाइकिल को सील कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक जिला समुचित प्राधिकरण पीएनडीटी नारनौल को दिनांक 24 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह हरियाणा-राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है, जो गर्भवती महिलाओं को कोटपूतली-बहरोड़ ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराता है। सूचना के आधार पर 16 जनवरी को डॉक्टर विजय यादव नोडल अधिकारी पीएनडीटी नारनौल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। रेड की योजना के तहत एक डिकाय महिला और एक केयरटेकर को टीम में शामिल किया गया। केयरटेकर ने आरोपी वीरेंद्र निवासी कादमा, जिला चरखी दादरी से संपर्क कर 80 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया। तय रकम फोन-पे के माध्यम से आरोपी को ट्रांसफर की गई।
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जानकारी के मुताबिक जिला समुचित प्राधिकरण पीएनडीटी नारनौल को दिनांक 24 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह हरियाणा-राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है, जो गर्भवती महिलाओं को कोटपूतली-बहरोड़ ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराता है। सूचना के आधार पर 16 जनवरी को डॉक्टर विजय यादव नोडल अधिकारी पीएनडीटी नारनौल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। रेड की योजना के तहत एक डिकाय महिला और एक केयरटेकर को टीम में शामिल किया गया। केयरटेकर ने आरोपी वीरेंद्र निवासी कादमा, जिला चरखी दादरी से संपर्क कर 80 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया। तय रकम फोन-पे के माध्यम से आरोपी को ट्रांसफर की गई।
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18 जनवरी को आरोपियों के निर्देश पर डिकाय महिला और केयरटेकर को नारनौल बुलाया गया, जहां से उन्हें कोटपूतली ले जाया गया। इस दौरान पीएनडीटी टीम लगातार उनका पीछा करती रही। कोटपूतली में आरोपी धर्मवीर द्वारा पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की गई और जैसे ही डिकाय महिला ने इशारा किया, टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी धर्मवीर, आनंद और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
मौके पर मुंडियाखेड़ा निवासी एक अन्य व्यक्ति पवन भी टीम को मिला जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ लिंग जांच कराने पहुंचा था। जांच के दौरान आरोपी ने उसकी पत्नी का भी परीक्षण किया। हालांकि रेडिंग टीम की व्यस्तता का फायदा उठाकर उसकी पत्नी मौके से फरार होने में सफल हो गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए आरोपी वीरेंद्र को चरखी दादरी से और आरोपी सुनील को उसके गांव सुरेहती पिलानिया से गिरफ्तार कर लिया। पीएनडीटी टीम ने मौके से बरामद सभी वाहनों और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर पुलिस को सौंप दिया है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मौके पर मुंडियाखेड़ा निवासी एक अन्य व्यक्ति पवन भी टीम को मिला जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ लिंग जांच कराने पहुंचा था। जांच के दौरान आरोपी ने उसकी पत्नी का भी परीक्षण किया। हालांकि रेडिंग टीम की व्यस्तता का फायदा उठाकर उसकी पत्नी मौके से फरार होने में सफल हो गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए आरोपी वीरेंद्र को चरखी दादरी से और आरोपी सुनील को उसके गांव सुरेहती पिलानिया से गिरफ्तार कर लिया। पीएनडीटी टीम ने मौके से बरामद सभी वाहनों और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर पुलिस को सौंप दिया है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।