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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि के छह शोधार्थी आईसीएसएसआर डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चयनित
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फोटो संख्या:78- फेलोशिप के लिए चयनित हकेवि विद्यार्थी कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के साथ--स्राे
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) के लिए गर्व की बात है कि उसके छह शोधार्थियों का चयन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) नई दिल्ली की प्रतिष्ठित डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के मजबूत शोध वातावरण और छात्रों की मेहनत को दर्शाती है।
चयनित शोधार्थियों में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के नारायण चौधरी (शोध निर्देशक: डॉ. अलेखा सचिदानंद नायक), प्रबंधन अध्ययन विभाग के सचिन कुमार (डॉ. मनीष कुमार), वाणिज्य विभाग की दीपाली गुप्ता (प्रो. सुमन), पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के प्रशांत कश्यप (डॉ. अनिल कुमार), समाजशास्त्र विभाग के अमित कुमार (डॉ. टी लॉन्गकोई खियामनियुंगन) और संस्कृत विभाग की मनीषा (डॉ. सुमन रानी) शामिल हैं।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने चयनित शोधार्थियों और उनके शोध निर्देशकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयास समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देते हैं।
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समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि एक ही वर्ष में छह शोधार्थियों का इस राष्ट्रीय फेलोशिप के लिए चयन होना विश्वविद्यालय की अकादमिक मजबूती को दर्शाता है।
चयनित शोधार्थियों में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के नारायण चौधरी (शोध निर्देशक: डॉ. अलेखा सचिदानंद नायक), प्रबंधन अध्ययन विभाग के सचिन कुमार (डॉ. मनीष कुमार), वाणिज्य विभाग की दीपाली गुप्ता (प्रो. सुमन), पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के प्रशांत कश्यप (डॉ. अनिल कुमार), समाजशास्त्र विभाग के अमित कुमार (डॉ. टी लॉन्गकोई खियामनियुंगन) और संस्कृत विभाग की मनीषा (डॉ. सुमन रानी) शामिल हैं।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने चयनित शोधार्थियों और उनके शोध निर्देशकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयास समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देते हैं।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि एक ही वर्ष में छह शोधार्थियों का इस राष्ट्रीय फेलोशिप के लिए चयन होना विश्वविद्यालय की अकादमिक मजबूती को दर्शाता है।