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Mahendragarh-Narnaul News: दो सीरियल नंबर के 500 के नोट ने बढ़ाई दुकानदार की धड़कनें
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फोटो 01 दो अलग अलग सीरियल नंबर वाला 500 का नोट। संवाद
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नारनौल। हुडा सेक्टर में एक परचून दुकानदार प्रेम कुमार को उस समय ठगी का शक हो गया जब उन्हें एक 500 रुपये के नोट पर दो अलग-अलग सीरियल नंबर दिखाई दिए। हालांकि बैंक जाने के बाद बैंक अधिकारी ने नोट बदलकर उन्हें दूसरा नोट थमा दिया। इसके बाद दुकानदार ने राहत की सांस ली।
बुधवार शाम एक ग्राहक ने उनकी दुकान से करीब 320 रुपये का सामान खरीदा और भुगतान में 500 रुपये का नोट दिया। प्रेम कुमार ने 320 रुपये काटकर 180 रुपये वापस लौटा दिए। भीड़ होने के कारण उन्होंने नोट पर ध्यान नहीं दिया और उसे गल्ले में रख लिया।
रात को जब वे हिसाब कर रहे थे, तब उनकी नजर उस नोट पर पड़ी जिस पर दो अलग-अलग सीरियल नंबर थे और ऊपर का नंबर धुंधला था। इससे उन्हें लगा कि उन्हें नकली नोट मिला है।
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अगले दिन सुबह वे तुरंत बैंक पहुंचे और नोट की जांच करवाई। बैंक अधिकारी ने बताया कि नोट असली है लेकिन तकनीकी छपाई की गड़बड़ी के कारण सीरियल नंबर दो जगह दिखाई दे रहे हैं। यह सुनकर दुकानदार ने राहत की सांस ली।
बॉक्स:
नाम न छापने की शर्त पर एक रिटायर्ड बैंक प्रबंधक ने बताया कि सेवा काल के समय गड्डी गिनने के दौरान उन्हें पांच ऐसे 500 नोट मिले थे जिन पर मिस प्रिंट था जबकि नोट असली थे। उनका कहना था कि तकनीकी खामियों के चलते ऐसी गलती होना स्वाभाविक है।
वर्जन:
सामान्य तौर पर एक नोट पर एक ही सीरियल नंबर अंकित होते हैं। एक ही नोट पर दो अलग अलग सीरियल नंबर का पाया जाने का साफ कारण तो नहीं बता सकते लेकिन तकनीकी खराबी ही इसका मुख्य कारण हो सकता है।-सुरेंद्र कुमार आर्य, प्रबंधक, पीएनबी, नारनौल
बुधवार शाम एक ग्राहक ने उनकी दुकान से करीब 320 रुपये का सामान खरीदा और भुगतान में 500 रुपये का नोट दिया। प्रेम कुमार ने 320 रुपये काटकर 180 रुपये वापस लौटा दिए। भीड़ होने के कारण उन्होंने नोट पर ध्यान नहीं दिया और उसे गल्ले में रख लिया।
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रात को जब वे हिसाब कर रहे थे, तब उनकी नजर उस नोट पर पड़ी जिस पर दो अलग-अलग सीरियल नंबर थे और ऊपर का नंबर धुंधला था। इससे उन्हें लगा कि उन्हें नकली नोट मिला है।
अगले दिन सुबह वे तुरंत बैंक पहुंचे और नोट की जांच करवाई। बैंक अधिकारी ने बताया कि नोट असली है लेकिन तकनीकी छपाई की गड़बड़ी के कारण सीरियल नंबर दो जगह दिखाई दे रहे हैं। यह सुनकर दुकानदार ने राहत की सांस ली।
बॉक्स:
नाम न छापने की शर्त पर एक रिटायर्ड बैंक प्रबंधक ने बताया कि सेवा काल के समय गड्डी गिनने के दौरान उन्हें पांच ऐसे 500 नोट मिले थे जिन पर मिस प्रिंट था जबकि नोट असली थे। उनका कहना था कि तकनीकी खामियों के चलते ऐसी गलती होना स्वाभाविक है।
वर्जन:
सामान्य तौर पर एक नोट पर एक ही सीरियल नंबर अंकित होते हैं। एक ही नोट पर दो अलग अलग सीरियल नंबर का पाया जाने का साफ कारण तो नहीं बता सकते लेकिन तकनीकी खराबी ही इसका मुख्य कारण हो सकता है।-सुरेंद्र कुमार आर्य, प्रबंधक, पीएनबी, नारनौल