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जन-जन में साक्षरता की अलख जलाती उल्लास योजना : बीईओ पवन
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फोटो 07उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत परीक्षा देते लोग। विभाग
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नारनौल। जिले के विभिन्न स्कूलों में रविवार को उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की परीक्षा हुई। खंड शिक्षा अधिकारी पवन भारद्वाज ने कहा कि यह योजना जन-जन में साक्षरता की अलख जलाती है।
कहा कि योजना का उद्देश्य देश को साक्षर बनाना है। इसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी कहा जाता है। इस योजना के जरिए 15 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा पाए।
उल्लास परीक्षा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अगेंद्र कुमार ने बताया कि नारनौल खंड में 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए। यह उल्लास परीक्षा का तीसरा चरण है, प्रथम तीन चरण में 3600 से अधिक प्रतिभागियों ने उल्लास परीक्षा दी थी।
इस परीक्षा के दौरान स्कूल मुखिया परीक्षा अधीक्षक रहे और क्लस्टर हेड द्वारा अपने-अपने क्लस्टर में निरीक्षण किया गया। उल्लास कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षरों को शामिल किया जा रहा है। इस योजना का मकसद समाज के सभी लोगों को आजीवन सीखने का मौका देना है।
उल्लास कार्यक्रम स्वयंसेवा के माध्यम से कार्यान्वित, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य बोध की भावना को बढ़ावा देते हुए शिक्षार्थियों को दीक्षा पोर्टल व उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षणिक अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
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कहा कि योजना का उद्देश्य देश को साक्षर बनाना है। इसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी कहा जाता है। इस योजना के जरिए 15 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा पाए।
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उल्लास परीक्षा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अगेंद्र कुमार ने बताया कि नारनौल खंड में 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए। यह उल्लास परीक्षा का तीसरा चरण है, प्रथम तीन चरण में 3600 से अधिक प्रतिभागियों ने उल्लास परीक्षा दी थी।
इस परीक्षा के दौरान स्कूल मुखिया परीक्षा अधीक्षक रहे और क्लस्टर हेड द्वारा अपने-अपने क्लस्टर में निरीक्षण किया गया। उल्लास कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षरों को शामिल किया जा रहा है। इस योजना का मकसद समाज के सभी लोगों को आजीवन सीखने का मौका देना है।
उल्लास कार्यक्रम स्वयंसेवा के माध्यम से कार्यान्वित, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य बोध की भावना को बढ़ावा देते हुए शिक्षार्थियों को दीक्षा पोर्टल व उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षणिक अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहित करता है।