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Palwal News: फर्जीवाड़े से बीपीएल प्लॉटों की रजिस्ट्री का आरोप, जांच की मांग
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मांडीखेड़ा गांव का मामला, 2010 में सरकार ने बीपीएल परिवारों को किए थे आवंटित
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। मांडीखेड़ा गांव में बीपीएल परिवारों को आवंटित प्लाॅटों की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने फिरोजपुर झिरका के एसडीएम से जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2010 में सरकार ने बीपीएल परिवारों को आवासीय प्लाॅट आवंटित किए थे, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन प्लाॅटों की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इसके चलते वास्तविक लाभार्थियों को आज तक प्लाॅटों का कब्जा नहीं मिल पाया है।
न्यायालय से जुड़े प्रकरण के कारण समस्या बनी जटिल
पीड़ित चेतराम, मुकेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की मांग है कि विवादित रजिस्ट्रियों को तत्काल रद्द किया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने बताया कि यह मामला न्यायालय से जुड़े एक प्रकरण के कारण जटिल बन गया है। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लाभार्थियों को जल्द कब्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बीडीपीओ नगीना को भी मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। मांडीखेड़ा गांव में बीपीएल परिवारों को आवंटित प्लाॅटों की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने फिरोजपुर झिरका के एसडीएम से जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2010 में सरकार ने बीपीएल परिवारों को आवासीय प्लाॅट आवंटित किए थे, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन प्लाॅटों की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इसके चलते वास्तविक लाभार्थियों को आज तक प्लाॅटों का कब्जा नहीं मिल पाया है।
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न्यायालय से जुड़े प्रकरण के कारण समस्या बनी जटिल
पीड़ित चेतराम, मुकेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की मांग है कि विवादित रजिस्ट्रियों को तत्काल रद्द किया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने बताया कि यह मामला न्यायालय से जुड़े एक प्रकरण के कारण जटिल बन गया है। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लाभार्थियों को जल्द कब्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बीडीपीओ नगीना को भी मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।