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Palwal News: आंधी-तूफान से बिजली नेटवर्क को नुकसान, 61 खंभे और चार ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
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गांव गढ़ी पट्टी, सौन्द, भुलवाना, गौढ़ोता, भिडूकी, बांसवा समेत कई क्षेत्रों में रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र में मंगलवार शाम 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए आंधी-तूफान ने होडल डिवीजन के बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण गांव गढ़ी पट्टी, सौन्द, भुलवाना, गौढ़ोता, भिडूकी, बांसवा समेत कई क्षेत्रों में 61 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए, जबकि चार ट्रांसफार्मरों को भी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें भी टूट गईं, जिससे हजारों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई गांवों में बुधवार दोपहर तक मरम्मत चलता रहा।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ मकानों, दुकानों और बिजली लाइनों पर गिर गए। बाबरी मोड़ समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने से आसपास की कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। हालांकि मौसम खराब होते ही बिजली निगम ने एहतियातन सप्लाई बंद कर दी थी, जिससे कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
आंधी के कारण कई क्षेत्रों में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित रहे। बिजली नहीं होने से पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद रहे। कई घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए।
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बिजली ठप रहने का असर जलापूर्ति पर भी पड़ा
कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी, जिसके कारण लोगों को पेयजल और घरेलू काम के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। कई घरों में खाना बनाने तक के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बिजली निगम की टीमों ने सूचना मिलते ही राहत और मरम्मत शुरू कर दिया। सबसे पहले बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाया गया और क्षतिग्रस्त तारों व खंभों को दुरुस्त किया गया। कई स्थानों पर पेड़ों के नीचे दबे तारों को निकालने में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शहर में आठ बिजली के खंभे पूरी तरह गिर गए, जबकि सात अन्य खंभे झुक गए थे। देर रात तक चले मरम्मत कार्य के बाद शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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आंधी-बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए थे। तेज हवाओं के कारण 61 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और चार ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए, जिन्हें तत्काल ठीक कराया गया। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति रात में ही बहाल कर दी गई थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी युद्धस्तर पर काम कर बिजली व्यवस्था सामान्य की गई।
-अनिल कुमार सोलंकी, कार्यकारी अभियंता, होडल डिवीजन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र में मंगलवार शाम 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए आंधी-तूफान ने होडल डिवीजन के बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण गांव गढ़ी पट्टी, सौन्द, भुलवाना, गौढ़ोता, भिडूकी, बांसवा समेत कई क्षेत्रों में 61 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए, जबकि चार ट्रांसफार्मरों को भी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें भी टूट गईं, जिससे हजारों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई गांवों में बुधवार दोपहर तक मरम्मत चलता रहा।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ मकानों, दुकानों और बिजली लाइनों पर गिर गए। बाबरी मोड़ समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने से आसपास की कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। हालांकि मौसम खराब होते ही बिजली निगम ने एहतियातन सप्लाई बंद कर दी थी, जिससे कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
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आंधी के कारण कई क्षेत्रों में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित रहे। बिजली नहीं होने से पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद रहे। कई घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए।
बिजली ठप रहने का असर जलापूर्ति पर भी पड़ा
कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी, जिसके कारण लोगों को पेयजल और घरेलू काम के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। कई घरों में खाना बनाने तक के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बिजली निगम की टीमों ने सूचना मिलते ही राहत और मरम्मत शुरू कर दिया। सबसे पहले बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाया गया और क्षतिग्रस्त तारों व खंभों को दुरुस्त किया गया। कई स्थानों पर पेड़ों के नीचे दबे तारों को निकालने में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शहर में आठ बिजली के खंभे पूरी तरह गिर गए, जबकि सात अन्य खंभे झुक गए थे। देर रात तक चले मरम्मत कार्य के बाद शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
आंधी-बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए थे। तेज हवाओं के कारण 61 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और चार ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए, जिन्हें तत्काल ठीक कराया गया। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति रात में ही बहाल कर दी गई थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी युद्धस्तर पर काम कर बिजली व्यवस्था सामान्य की गई।
-अनिल कुमार सोलंकी, कार्यकारी अभियंता, होडल डिवीजन