राम मंदिर: चढ़ावा गिनती प्रक्रिया की रोजाना हो रही वीडियोग्राफी, 180 दिन तक सुरक्षित रहेगी सीसीटीवी फुटेज
राम मंदिर में दानराशि प्रबंधन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। अब चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया की रोजाना वीडियोग्राफी होगी और सीसीटीवी फुटेज 180 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड, नई निगरानी व्यवस्था और बैंक जमा प्रक्रिया में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
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राम मंदिर में चढ़ावे और दानराशि प्रबंधन को लेकर सामने आए विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लागू कर दिए गए हैं। पहले सीसीटीवी फुटेज 45 दिन बाद स्वतः डिलीट हो जाती थी, लेकिन अब इसे कम से कम 180 दिन तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था लागू की गई है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना की जांच कर रही एसआईटी को पर्याप्त सीसीटीवी फुटेज न मिलने से परेशानी हो रही है।
जांच में सिर्फ 45 दिनों की फुटेज मिली है। इनमें से बीच-बीच में फुटेज डिलीट की गई है। माना जा रहा है कि बैकअप की नई व्यवस्था लागू होने से भविष्य में किसी भी जांच के दौरान पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध रह सकेंगे। राम मंदिर में अब चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन में किया गया है।
दो शिफ्टों में हो रही गिनती
चढ़ावे की गिनती पहले की तरह दो शिफ्टों में की जा रही है, लेकिन अब दानपात्र खोलने से लेकर नकदी की गिनती पूरी होने तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही प्रतिदिन होने वाली गिनती और जमा राशि की ऑनलाइन एंट्री भी की जा रही है, जिससे रिकॉर्ड का डिजिटल ट्रैक उपलब्ध रहे।
दान गिनती व्यवस्था से जुड़े स्टेट बैंक के टेलर्स, सुपरवाइजर्स और ऑडिट कर्मियों को भी बदल दिया गया है। बैंक की एजेंसी से जुड़े पुराने कर्मचारियों की जगह नया स्टॉफ तैनात किया गया है। वहीं ट्रस्ट की ओर से निगरानी करने वाले कर्मचारियों में भी बदलाव किया गया है। श्रद्धालुओं को दान की विधिवत रसीद देने की व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक सख्ती से लागू की गई है।
नकदी को बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी बड़ा परिवर्तन
बैंक के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नकदी को बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है। जिन बॉक्सों में नकदी भरकर बैंक भेजी जाती है, उनमें अब एक के बजाय दो लॉक लगाए जा रहे हैं। दोनों लॉक की चाबियां अलग-अलग जिम्मेदार व्यक्तियों के पास रहती हैं। इससे रास्ते में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अनधिकृत पहुंच की संभावना को कम करने का प्रयास किया गया है।