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Panchkula News: 5 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित
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चंडीगढ़। पंजाब सरकार 5 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार से सम्मानित करेगी। इन अधिकारियों में डीएसपी सुनाम ऊधम सिंह वाला हरविंदर सिंह और इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, हेड कांस्टेबल सुखमनप्रीत सिंह, एएसआई बलबीर चंद और सीनियर कांस्टेबल धर्मपाल सिंह शामिल हैं।
राज्य सरकार की सिफारिश पर पंजाब के राज्यपाल ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार और ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक से सम्मानित होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के नामों की घोषणा की। एएसआई बलबीर चंद ने फाजिल्का में बाढ़ में फंसे एक बच्चे व दो व्यक्तियों की जान बचाई थी जिसके चलते ही उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
इसी तरह एआईजी एसपीयू बलजीत सिंह, एसपी मुख्यालय फरीदकोट मनविंदरबीर सिंह, डीएसपी इन्वेस्टिगेशन दलजीत सिंह और एसपी दविंदर सहित चार पीपीएस अधिकारी उन 19 अधिकारियों व कर्मचारियों में शामिल हैं जिन्हें ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक के लिए चुना गया है। शेष 15 अधिकारियों व कर्मचारियों में इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर रुशिका, इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, इंस्पेक्टर सुमित मोर, इंस्पेक्टर पुष्विंदर सिंह, एसआई गुरपाल सिंह, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई गुरजंट सिंह, एएसआई गुरवीर सिंह, एएसआई गुरप्रीत सिंह, एएसआई कुलजीत सिंह, एचसी मनदीप सिंह, एचसी सुखविंदर सिंह और सीनियर कांस्टेबल अनु बाला शामिल हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और पंजाब सरकार का पुलिस अधिकारियों की सेवाओं को मान्यता देने के लिए धन्यवाद किया।
नहर में लगा दी थी छलांग, डीएसपी ने बचाई थी जान :
इसी तरह संगरूर में एक प्रदर्शनकारी ने प्रदर्शन के दौरान नहर में छलांग दी थी और मौके पर मौजूद डीएसपी हरविंदर सिंह ने नहर कूदकर उसकी जान बचाई थी जिसके चलते उनको सम्मानित किया जा रहा है। इसी तरह इंस्पेक्टर निर्मल सिंह और हेड कांस्टेबल सुखमनप्रीत सिंह ने खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान एक हादसा होने से बचा लिया था। आंदोलन के दौरान एक दिन सिलिंडरों में आग लग गई थी लेकिन दोनों ने सिलिंडरों को हटा दिया था जिससे आसानी से आग पर काबू पाया जा सका। इसके अलावा सीनियर कांस्टेबल धर्मपाल सिंह ने नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति की जान बचा ली थी। वह अलग-अलग घटनाओं में अब तक कुल 11 लोगों की जान बचा चुके हैं।
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इसी तरह एआईजी एसपीयू बलजीत सिंह, एसपी मुख्यालय फरीदकोट मनविंदरबीर सिंह, डीएसपी इन्वेस्टिगेशन दलजीत सिंह और एसपी दविंदर सहित चार पीपीएस अधिकारी उन 19 अधिकारियों व कर्मचारियों में शामिल हैं जिन्हें ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक के लिए चुना गया है। शेष 15 अधिकारियों व कर्मचारियों में इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर रुशिका, इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, इंस्पेक्टर सुमित मोर, इंस्पेक्टर पुष्विंदर सिंह, एसआई गुरपाल सिंह, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई गुरजंट सिंह, एएसआई गुरवीर सिंह, एएसआई गुरप्रीत सिंह, एएसआई कुलजीत सिंह, एचसी मनदीप सिंह, एचसी सुखविंदर सिंह और सीनियर कांस्टेबल अनु बाला शामिल हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और पंजाब सरकार का पुलिस अधिकारियों की सेवाओं को मान्यता देने के लिए धन्यवाद किया।
नहर में लगा दी थी छलांग, डीएसपी ने बचाई थी जान :
इसी तरह संगरूर में एक प्रदर्शनकारी ने प्रदर्शन के दौरान नहर में छलांग दी थी और मौके पर मौजूद डीएसपी हरविंदर सिंह ने नहर कूदकर उसकी जान बचाई थी जिसके चलते उनको सम्मानित किया जा रहा है। इसी तरह इंस्पेक्टर निर्मल सिंह और हेड कांस्टेबल सुखमनप्रीत सिंह ने खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान एक हादसा होने से बचा लिया था। आंदोलन के दौरान एक दिन सिलिंडरों में आग लग गई थी लेकिन दोनों ने सिलिंडरों को हटा दिया था जिससे आसानी से आग पर काबू पाया जा सका। इसके अलावा सीनियर कांस्टेबल धर्मपाल सिंह ने नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति की जान बचा ली थी। वह अलग-अलग घटनाओं में अब तक कुल 11 लोगों की जान बचा चुके हैं।