सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Panchkula Asrewali forest Check Posts Removed Amidst Felling of 1104 Trees

पंचकूला आसरेवाली कांड: 1104 पेड़ों की कटाई के बीच हटाई गई चेक पोस्टें, विभागीय पत्र बना सबसे बड़ा सबूत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला Published by: Nivedita Updated Fri, 27 Mar 2026 10:38 AM IST
विज्ञापन
सार

जांच में खुलासा हुआ कि माफियाओं ने करोड़ों की बेशकीमती खैर की लकड़ी पर अवैध कटान किया जिसमें स्थानीय वन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने रेंज ऑफिसर को मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया है और विभागीय जांच का आदेश भी जारी किया गया है।

Panchkula Asrewali forest Check Posts Removed Amidst Felling of 1104 Trees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार

पंचकूला में आसरेवाली जंगल में 1104 पेड़ों की अवैध कटाई के बीच चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस समय तस्कर जंगल उजाड़ रहे थे, उसी दौरान वन विभाग ने लिखित आदेश जारी कर आसरेवाली गांव के बाहर लगी चेक पोस्ट को हटा दिया। विभागीय पत्र संख्या 556 अब इस पूरे मामले में लापरवाही का सबसे बड़ा दस्तावेजी सबूत बनकर सामने आया है।

Trending Videos

सुरक्षा हटते ही तस्करों की चांदी

विभागीय पत्र के अनुसार 30 सितंबर 2025 को आसरेवाली चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से हटाने और वहां तैनात कर्मचारियों की टाइम-वाइज ड्यूटी समाप्त करने के आदेश दिए गए। तर्क दिया गया कि 25 सितंबर को इस क्षेत्र का प्रभार क्षेत्रीय विंग से वन्य प्राणी विंग को सौंप दिया गया था। सवाल है कि क्या प्रभार बदलने के नाम पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हटाना उचित था? इसी ढील का फायदा उठाकर तस्करों ने 1104 पेड़ों का सफाया कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैमरे और नाके हटे, बेखौफ हुई कटाई

पहले इस चेक पोस्ट पर सख्त निगरानी रहती थी, जिससे अवैध लकड़ी की आवाजाही लगभग नामुमकिन थी। आदेश संख्या 556 में अस्थायी चेक पोस्ट हटाकर कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह व्यवस्था कागजों तक ही सीमित रही। सीसीटीवी और नाकों की अनुपस्थिति ने तस्करों को जंगल के भीतर तक पहुंचने का खुला रास्ता दे दिया।

जांच के घेरे में ट्रांसफर

अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि पेड़ों की कटाई प्रभार हस्तांतरण (25 सितंबर) से पहले हुई या चेक पोस्ट हटने (30 सितंबर) के बाद। यदि कर्मचारी अपने क्षेत्रों में निगरानी कर रहे थे तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जानकारी किसी को क्यों नहीं मिली?

बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?

सरकारी पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि सुरक्षा व्यवस्था हटाई गई थी। अब वन मंडल अधिकारी, मोरनी-पिंजौर को भेजी गई रिपोर्ट के बाद यह देखना होगा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

रेंज ऑफिसर और वन दरोगा सस्पेंड

आसरेवाली क्षेत्र में बहुचर्चित खैर कटान मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते रेंज ऑफिसर मुनीर गुप्ता को तुरंत निलंबित कर दिया गया है जबकि वन दरोगा रामपाल को भी अनुशासनहीनता और अवैध कटान रोकने में विफलता के आरोप में सस्पेंड किया गया।

जानकारी के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि माफियाओं ने करोड़ों की बेशकीमती खैर की लकड़ी पर अवैध कटान किया जिसमें स्थानीय वन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने रेंज ऑफिसर को मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया है और विभागीय जांच का आदेश भी जारी किया गया है।

वन दरोगा रामपाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने हेडक्वार्टर पर उपस्थिति नहीं बनाई अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और क्षेत्र में अवैध कटान रोकने में विफल रहे। उन्हें निलंबन के दौरान केवल गुजारा भत्ता दिया जाएगा।

वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत की ओर से जारी आदेश के अनुसार मोरनी, पिंजौर के वन मंडल अधिकारी ने 24 मार्च 2026 को एक रिपोर्ट भेजी थी। इसमें रायपुररानी के वन राजिक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि त्रिलोकपुर ब्लॉक के इंचार्ज रामपाल अपने हेडक्वार्टर पर मौजूद नहीं रहते हैं। साथ ही उन पर वानिकी कार्यों में मनमानी करने और अवैध कटान के प्रति सतर्कता न बरतने के भी आरोप लगाए गए थे। रामपाल का मुख्यालय वन मंडल अधिकारी, कुरुक्षेत्र का कार्यालय तय किया गया है। नियम 83 के तहत उन्हें इस अवधि के दौरान केवल गुजारा भत्ता ही देय होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed