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Panchkula News: पंचकूला में दो नवंबर तक चलेगा भिक्षा नहीं, शिक्षा अभियान
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पंचकूला। जिले में 2 से 12 नवंबर तक भिक्षा नहीं, शिक्षा अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत भीख मांगने वाले और सड़कों व सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी। इन बच्चों को सुरक्षित माहौल देने, उनका पुनर्वास करने और शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में अभियान को लेकर जिला स्तरीय समन्वय बैठक हुई। इसमें अभियान को सफल बनाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने पर चर्चा की गई। अभियान के दौरान ट्रैफिक सिग्नलों, चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्कों और पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जिन्हें देखभाल और संरक्षण की जरूरत है। बच्चों से जबरन भीख मंगवाने या उनके शोषण की आशंका वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने कहा कि कोई भी बच्चा भीख मांगने के लिए मजबूर न हो। हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, उचित संरक्षण और शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।
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अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम करेंगे। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने कहा कि कोई भी बच्चा भीख मांगने के लिए मजबूर न हो। हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, उचित संरक्षण और शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।
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