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Panchkula News: मानसून में खुली सरकारी स्कूलों की बदहाली, मरम्मत के लिए बजट का इंतजार
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पंचकूला। जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन सरकारी स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम अभी फाइलों तक ही सीमित है। पहली बारिश के बाद जिले के 300 प्राइमरी और मिडल स्कूलों में छत टपकने, दीवारों में सीलन और शौचालयों में गंदगी की शिकायतें बढ़ गई हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों को खुद क्लासरूम और छतों की सफाई करनी पड़ रही है। जिला शिक्षा विभाग ने स्थिति को भांपते हुए सभी प्राइमरी, मिडल और सेकेंडरी स्कूलों से रिपेयर का एस्टीमेट मांगा है। समग्र शिक्षा परियोजना के तहत बजट शिक्षा निदेशालय के वित्त विभाग से एलॉट होगा, जिसमें अभी समय लग सकता है। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों की मरम्मत के लिए प्रबंधकों को पत्र भेजे जा चुके हैं। इसमें छत, फर्श, शौचालय, पेयजल और बिजली से जुड़ी समस्याओं का पूरा ब्यौरा देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर ही बजट का वितरण किया जाएगा।
मोरनी के प्राइमरी स्कूल का जर्जर हिस्सा टूटेगा
जिला समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मोरनी के गांव शिल्यो स्थित प्राइमरी स्कूल की दीवारों में दरारें आ गई हैं। छत को गिरने से बचाने के लिए बल्लियों का सहारा लिया गया है और स्कूल के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। स्कूल में पढ़ाई करने वाले 20 विद्यार्थियों को नजदीकी आंगनवाड़ी में शिफ्ट किया गया। खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल के जर्जर हिस्से को ध्वस्त कर जीर्णोद्धार की योजना बनाई है। स्कूल का एस्टीमेट समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय को मिल चुका है। स्कूल का क्षतिग्रस्त हिस्सा तोड़ा जाएगा और जीर्णोद्धार के लिए शिक्षा निदेशालय से स्वीकृति ली जाएगी।
कुछ स्कूलों में रिपेयर वर्क शुरू
जिले में कुल 418 स्कूल हैं। पीएम श्री, सीएम श्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों के पास पर्याप्त बजट है। जबकि प्राइमरी और मिडल स्कूलों को एस्टीमेट के आधार पर ही फंड मिलता है। रायपुररानी का प्यारेवाला मिडल स्कूल, चंडीकोटला स्कूल, गोरखनाथ जीपीएस पिंजौर, समनवा गांव जीपीएस रायपुररानी, फिरोजपुर स्कूल, खोईबवोनी जीपीएस पिंजौर, जीएमएसएस पिंजौर, जीएसएसएस रामगढ़ और जीएस चिकन पिंजौर में एमपी लैंड फंड से मरम्मत कार्य पूरे होने को हैं। लेकिन अधिकांश स्कूल अभी बजट का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत बजट जारी होते ही प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू करवा दी जाएगी।
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कोट
बरसात में जिन स्कूलों को रिपेयर की जरूरत है, उसकी समीक्षा की जा रही है। स्कूल प्रबंधकों से रिपेयर वर्क के लिए एस्टीमेट मांगा गया है, जिसके लिए डीईओ-डीईईओ ऑफिस द्वारा स्कूल प्रबंधन को पत्र भी भेजे गए हैं। एस्टीमेट रिपोर्ट बजट के लिए हरियाणा समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक के पास भेजी जाएगी।- जोगिंदर लाठर, जिला समग्र शिक्षा परियोजना अधिकारी
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मोरनी के प्राइमरी स्कूल का जर्जर हिस्सा टूटेगा
जिला समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मोरनी के गांव शिल्यो स्थित प्राइमरी स्कूल की दीवारों में दरारें आ गई हैं। छत को गिरने से बचाने के लिए बल्लियों का सहारा लिया गया है और स्कूल के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। स्कूल में पढ़ाई करने वाले 20 विद्यार्थियों को नजदीकी आंगनवाड़ी में शिफ्ट किया गया। खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल के जर्जर हिस्से को ध्वस्त कर जीर्णोद्धार की योजना बनाई है। स्कूल का एस्टीमेट समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय को मिल चुका है। स्कूल का क्षतिग्रस्त हिस्सा तोड़ा जाएगा और जीर्णोद्धार के लिए शिक्षा निदेशालय से स्वीकृति ली जाएगी।
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कुछ स्कूलों में रिपेयर वर्क शुरू
जिले में कुल 418 स्कूल हैं। पीएम श्री, सीएम श्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों के पास पर्याप्त बजट है। जबकि प्राइमरी और मिडल स्कूलों को एस्टीमेट के आधार पर ही फंड मिलता है। रायपुररानी का प्यारेवाला मिडल स्कूल, चंडीकोटला स्कूल, गोरखनाथ जीपीएस पिंजौर, समनवा गांव जीपीएस रायपुररानी, फिरोजपुर स्कूल, खोईबवोनी जीपीएस पिंजौर, जीएमएसएस पिंजौर, जीएसएसएस रामगढ़ और जीएस चिकन पिंजौर में एमपी लैंड फंड से मरम्मत कार्य पूरे होने को हैं। लेकिन अधिकांश स्कूल अभी बजट का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत बजट जारी होते ही प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू करवा दी जाएगी।
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कोट
बरसात में जिन स्कूलों को रिपेयर की जरूरत है, उसकी समीक्षा की जा रही है। स्कूल प्रबंधकों से रिपेयर वर्क के लिए एस्टीमेट मांगा गया है, जिसके लिए डीईओ-डीईईओ ऑफिस द्वारा स्कूल प्रबंधन को पत्र भी भेजे गए हैं। एस्टीमेट रिपोर्ट बजट के लिए हरियाणा समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक के पास भेजी जाएगी।- जोगिंदर लाठर, जिला समग्र शिक्षा परियोजना अधिकारी