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Panchkula News: रात में हरी लाइट में बेची जा रहीं सब्जियां
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सेक्टर-14 की साप्ताहिक सब्जी मंडी में ग्राहकों लग रही चपत, निरीक्षण और कार्रवाई की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-14 में शनिवार को लगने वाली साप्ताहिक सब्जी मंडी में कुछ दुकानदारों की मनमानी ग्राहकों पर भारी पड़ रही है। आरोप है कि कई दुकानदार अपनी दुकानों पर ग्रीन लाइट लगाकर सब्जियां बेच रहे हैं, जिससे सब्जियां ताजा और हरी-भरी दिखाई देती हैं जबकि हकीकत में वे बासी या खराब होती हैं। इस रोशनी के भ्रम में ग्राहक महंगे दामों पर खराब सब्जियां खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
मंडी में खरीदारी करने आए लोगों का कहना है कि ग्रीन लाइट के कारण सब्जियों का असली रंग और गुणवत्ता पहचानना मुश्किल हो जाता है। घर पहुंचने पर सब्जियों की असलियत सामने आती है, जब वे खराब निकलती हैं। इससे लोगों का पैसा, समय और भरोसा तीनों बर्बाद हो रहा है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ग्राहक संजू, सीताराम, दीपक, मनीष, रीटा, दिव्यांशी, नेहा, रजनी और राम कुमार ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कई बार दुकानदारों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला खरीदारों का कहना है कि सब्जियों की कीमतें पहले ही अधिक हैं और ऊपर से इस तरह की धोखाधड़ी आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
कार्रवाई की मांग, चालान काटने की अपील
ग्राहकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग को मंडी में नियमित निरीक्षण करना चाहिए और ग्रीन लाइट लगाकर सब्जियां बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि ऐसे दुकानदारों के चालान काटे जाएं और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। प्रशासन की ओर से समय-समय पर जांच जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को ठगी से बचाया जा सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ताओं का विश्वास मंडी व्यवस्था से उठ सकता है।
कोट
रंग-बिरंगी लाइट से बुजुर्गों को हो रही परेशानी
“सेक्टर-14 की साप्ताहिक सब्जी मंडी में दुकानों पर लगी रंग-बिरंगी लाइटों से बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। तेज और अलग-अलग रंग की रोशनी आंखों पर सीधा असर डालती है। कुछ देर बाद आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, जिससे सब्जी खरीदना मुश्किल हो जाता है और चक्कर आने जैसी समस्या भी होती है। मंडी में इस तरह की लाइटों पर रोक लगाई जानी चाहिए।”
— केजी लूथरा (65), निवासी सेक्टर-15
कोट
रंगीन रोशनी में नहीं दिखती सब्जियों की असली गुणवत्ता
“रात के समय साप्ताहिक सब्जी मंडी में लगी रंगीन लाइटों के कारण सब्जियों की सही गुणवत्ता का पता नहीं चलता। हरी लाइट में सब्जियां ताजा दिखती हैं, लेकिन घर पहुंचने पर कई बार वे खराब निकलती हैं। मजबूरी में अब दिन में काम छोड़कर सब्जी लेने आना पड़ रहा है। यदि साधारण रोशनी हो तो रात में भी सही सब्जी खरीदी जा सकती है।”
— विक्रम राणा, निवासी सेक्टर-15
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-14 में शनिवार को लगने वाली साप्ताहिक सब्जी मंडी में कुछ दुकानदारों की मनमानी ग्राहकों पर भारी पड़ रही है। आरोप है कि कई दुकानदार अपनी दुकानों पर ग्रीन लाइट लगाकर सब्जियां बेच रहे हैं, जिससे सब्जियां ताजा और हरी-भरी दिखाई देती हैं जबकि हकीकत में वे बासी या खराब होती हैं। इस रोशनी के भ्रम में ग्राहक महंगे दामों पर खराब सब्जियां खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
मंडी में खरीदारी करने आए लोगों का कहना है कि ग्रीन लाइट के कारण सब्जियों का असली रंग और गुणवत्ता पहचानना मुश्किल हो जाता है। घर पहुंचने पर सब्जियों की असलियत सामने आती है, जब वे खराब निकलती हैं। इससे लोगों का पैसा, समय और भरोसा तीनों बर्बाद हो रहा है।
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शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ग्राहक संजू, सीताराम, दीपक, मनीष, रीटा, दिव्यांशी, नेहा, रजनी और राम कुमार ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कई बार दुकानदारों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला खरीदारों का कहना है कि सब्जियों की कीमतें पहले ही अधिक हैं और ऊपर से इस तरह की धोखाधड़ी आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
कार्रवाई की मांग, चालान काटने की अपील
ग्राहकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग को मंडी में नियमित निरीक्षण करना चाहिए और ग्रीन लाइट लगाकर सब्जियां बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि ऐसे दुकानदारों के चालान काटे जाएं और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। प्रशासन की ओर से समय-समय पर जांच जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को ठगी से बचाया जा सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ताओं का विश्वास मंडी व्यवस्था से उठ सकता है।
कोट
रंग-बिरंगी लाइट से बुजुर्गों को हो रही परेशानी
“सेक्टर-14 की साप्ताहिक सब्जी मंडी में दुकानों पर लगी रंग-बिरंगी लाइटों से बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। तेज और अलग-अलग रंग की रोशनी आंखों पर सीधा असर डालती है। कुछ देर बाद आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, जिससे सब्जी खरीदना मुश्किल हो जाता है और चक्कर आने जैसी समस्या भी होती है। मंडी में इस तरह की लाइटों पर रोक लगाई जानी चाहिए।”
— केजी लूथरा (65), निवासी सेक्टर-15
कोट
रंगीन रोशनी में नहीं दिखती सब्जियों की असली गुणवत्ता
“रात के समय साप्ताहिक सब्जी मंडी में लगी रंगीन लाइटों के कारण सब्जियों की सही गुणवत्ता का पता नहीं चलता। हरी लाइट में सब्जियां ताजा दिखती हैं, लेकिन घर पहुंचने पर कई बार वे खराब निकलती हैं। मजबूरी में अब दिन में काम छोड़कर सब्जी लेने आना पड़ रहा है। यदि साधारण रोशनी हो तो रात में भी सही सब्जी खरीदी जा सकती है।”
— विक्रम राणा, निवासी सेक्टर-15