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Haryana: पानीपत में दो माह पहले हुए खूनी संघर्ष में घायल शेखर की पीजीआई रोहतक में मौत, परिजनों का भारी हंगामा
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:44 PM IST
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सार
शेखर की मौत के बाद से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में शुरुआत से ही ढुलमुल रवैया अपनाया और लापरवाही बरती।
परिजनों को समझाती पुलिस
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सदर थाना क्षेत्र के बडौली गांव में करीब दो महीने पहले पारिवारिक रंजिश के चलते हुए एक खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए युवक शेखर ने आखिरकार दम तोड़ दिया। शेखर का पिछले दो माह से पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा था, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया।
ताऊ के परिवार के साथ हुआ था खूनी संघर्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रैल माह में बडौली गांव में शेखर का अपने ही ताऊ के परिवार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस खूनी संघर्ष में शेखर को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था। पिछले दो महीनों से वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था, लेकिन आखिरकार उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप
शेखर की मौत के बाद से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में शुरुआत से ही ढुलमुल रवैया अपनाया और लापरवाही बरती। परिजनों के गुस्से और हंगामे को देखते हुए पुलिस विभाग अलर्ट पर है और स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।