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Panipat News: ड्रोन तकनीक से रेलवे सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, पत्थरबाजाें पर कसा जाएगा शिकंजा
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पानीपत। रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में आरपीएफ ने एक अहम कदम उठाया है। आरपीएफ कमांडेंट की मौजूदगी में आरपीएफ जवानों को ड्रोन के संचालन, उसकी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों, रेल लाइन और ट्रेनों में होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से अब संदिग्ध गतिविधियों पर दूर से ही पैनी नजर रखी जा सकेगी जिससे अपराधियों को पकड़ना आसान होगा। आरपीएफ टीम के तीन जवानों को एक सप्ताह तक इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा जा रहा है। ड्रोन की मदद से रेलवे ट्रैक, आउटर एरिया, यार्ड, प्लेटफॉर्म और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जाएगी। खासतौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा। जहां अक्सर असामाजिक तत्व शराब या नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, पत्थरबाजी की घटनाएं होती हैं या ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। ड्रोन कैमरों से ली गई लाइव फुटेज के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी जिससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके। पत्थरबाजी के हॉट स्पॉट क्षेत्र दीवाना और बाबरपुर की तरफ खासतौर से ड्रोन की मदद से निगरानी रखी जाएगी।
वर्जन :
पिछले कुछ समय से ट्रेनों पर पत्थरबाजी, रेलवे लाइन के पास शराब पीने और संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ड्रोन तकनीक के उपयोग से अब ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें मौके पर ही पकड़ना कहीं अधिक आसान हो जाएगा। फिलहाल एक ड्रोन विभाग की ओर से भेजा गया है।
-दिनेश कुमार मीना, थाना प्रभारी आरपीएफ।
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रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा जा रहा है। ड्रोन की मदद से रेलवे ट्रैक, आउटर एरिया, यार्ड, प्लेटफॉर्म और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जाएगी। खासतौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा। जहां अक्सर असामाजिक तत्व शराब या नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, पत्थरबाजी की घटनाएं होती हैं या ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। ड्रोन कैमरों से ली गई लाइव फुटेज के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी जिससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके। पत्थरबाजी के हॉट स्पॉट क्षेत्र दीवाना और बाबरपुर की तरफ खासतौर से ड्रोन की मदद से निगरानी रखी जाएगी।
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पिछले कुछ समय से ट्रेनों पर पत्थरबाजी, रेलवे लाइन के पास शराब पीने और संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ड्रोन तकनीक के उपयोग से अब ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें मौके पर ही पकड़ना कहीं अधिक आसान हो जाएगा। फिलहाल एक ड्रोन विभाग की ओर से भेजा गया है।
-दिनेश कुमार मीना, थाना प्रभारी आरपीएफ।