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Panipat News: अस्पताल में 1500 देकर हाथोंहाथ मिलता है मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, सीधे जाने पर मिलते हैं धक्के

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 03:12 AM IST
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You get a medical fitness certificate by paying Rs 1500 at the hospital, but you get turned away if you go directly.
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पानीपत। जिला परिषद की नौ महीने बाद बैठक में पार्षदों के साथ उपाध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री के सामने सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार और सदन के लिए अधिकारियों की अनदेखी को खुलकर रखा। उपाध्यक्ष सुरेश आर्य ने आरोप लगाया कि किसी भी नौकरी या लाइसेंस के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट मांगा जाता है। स्वास्थ्य विभाग में सीधा जाकर बनवाया जाए तो तीन या चार दिन लग जाते हैं। वहीं व्यक्ति किसी दलाल को 1500 रुपये दे देता है तो हाथोंहाथ मिल जाता है। यह भ्रष्टाचार बंद होना चाहिए।
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सीएमओ के प्रतिनिधि ने इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं सींक समेत कई गांवों के सरकारी स्कूलों के खस्ता हाल की बात शिक्षा मंत्री के सामने रखी। बैठक में जिप अध्यक्ष को वित्तीय शक्ति देने और सदन में न आने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी कर निलंबित करने का प्रस्ताव पास किया। जिला परिषद की बैठक शनिवार को जिला सचिवालय सभागार में दोपहर बाद करीब तीन बजे शुरू की गई। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा बैठक में शामिल हुए। पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार जिला सचिवालय में पहुंचने के बाद भी बैठक से दूर रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा ने की।
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महिपाल ढांडा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि काे जनता के कार्य आगे आकर करने चाहिए। अधूरे कार्यों की जांच करें और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए परिवहन की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। जिला परिषद की अध्यक्ष ज्योति शर्मा ने कहा कि सभी सदस्यों को साथ लेकर विकास कार्य कराए जाएंगे। इस अवसर पर जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण, डीडीपीओ राजेश शर्मा, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. संजय आंतिल मौजूद रहे।

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नौ महीने बाद बैठक में तीन पार्षद रहे दूर
जिला परिषद में अध्यक्ष न होने नौ महीने से बैठक नहीं की जा सकी थी। ऐसे में विकास कार्य अटके हुए थे। बैठक में तीन पार्षदों वार्ड-1 के आकाश पोरिया, वार्ड-2 से रणदीप और वार्ड-4 के संदीप ने दूरी बना रखी। बाकी 13 पार्षदों ने विकास कार्यों पर चर्चा की। ज्योति शर्मा ने सभी पार्षदों को साथ लेकर विकास कार्य कराने की बात कही।

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अधिकारियों को नोटिस जारी करने के आदेश
जिला परिषद के सदस्यों ने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष बैठक से दूरी बनाकर रखते हैं। वे जिला परिषद के सदन की गरिमा को नहीं समझते। वार्ड-13 की पार्षद प्रियंका तोमर के प्रतिनिधि जसबीर जस्सा ने कहा कि सिवाह गांव में आठ करोड़ की लागत से राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया था। यहां शौचालय की भी ठीक से व्यवस्था नहीं है। जिला खेल विभाग से जवाब तो जिला खेल अधिकारी बैठक में नहीं मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारी बैठक को गंभीरता से नहीं रहे हैं। ऐसे करीब पांच विभागों के अधिकारी गैरहाजिर मिले। सदन ने गैरहाजिर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव पास किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अधिकारियों रिपोर्ट उनको दें। ऐसे अधिकारियों के विभागध्यक्ष को निलंबन के लिए लिखा जाएं।

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उपाध्यक्ष ने जिप अध्यक्ष को दी वित्तीय शक्ति

पिछली बैठक में उपाध्यक्ष सुरेश आर्य ने वित्त संबंधित शक्ति जिप अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष को भी होने का प्रस्ताव पास किया था। इस पर हंगामा भी मच गया था। सुरेश आर्य ने सदन में पहला प्रस्ताव रखा कि वित्त संबंधित सभी शक्तियां अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पास रहेंगी। सदन ने इसे ध्वनी मत के साथ पास किया। वार्ड-3 की पार्षद अनु दहिया मलिक के प्रतिनिधि अनिल मलिक ने कहा कि उनके गांव के सरकारी स्कूल खस्ता हो गए हैं। शिक्षा विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने शिक्षा मंत्री ने स्कूलों की मरम्मत कराने की मांग की। अनिल मलिक ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भी किसी तरह की सुविधा नहीं हैं। बच्चों को पीने को पानी तक नहीं मिल पाता है। महिला एवं विकास विभाग की पीओ ने इनमें सुधार कराने की बात कही।
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