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Rewari News: ट्रेन में बैग चोरी मामले में आरोपी बरी, पहचान और बरामदगी साबित नहीं कर पाई पुलिस
Mon, 20 Jul 2026 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:19 AM IST
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रेवाड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिल की अदालत ने ट्रेन में यात्री का बैग चोरी करने के मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा के गांव सलावा निवासी विजय कुमार को बरी कर दिया है। 18 जुलाई को सुनाए फैसले में अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान और चोरी की घटना में उसकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया।
जीआरपी थाना पुलिस ने 13 अगस्त 2024 को विजय कुमार के खिलाफ धारा 305 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता दीपक कुमार दुबे ने पुलिस को बताया था कि वह ट्रेन संख्या 14733 बठिंडा-जयपुर एक्सप्रेस से बठिंडा से रेवाड़ी आ रहे थे। यात्रा के दौरान उनका बैग चोरी हो गया था।
बैग में लैपटॉप, चार्जर, बैंक कार्ड, घड़ी, कार की चाबी, घर की चाबी सहित अन्य सामान था। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि हिसार रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपी को बैग सहित पकड़ा था। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, चार्जर, बैंक कार्ड, घड़ी और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए। शिकायतकर्ता दीपक कुमार ने अदालत में बताया कि वह आरोपी को नहीं जानता और उसने आरोपी को चोरी करते नहीं देखा था। उसने यह भी बताया कि आरोपी की पहचान के लिए कोई पहचान परेड नहीं कराई गई।
अदालत ने पाया कि बरामदगी के दौरान किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज भी पेश नहीं की गई। अदालत ने कहा कि केवल बरामदगी के आधार पर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा। इसके बाद विजय कुमार को बरी कर दिया।
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जीआरपी थाना पुलिस ने 13 अगस्त 2024 को विजय कुमार के खिलाफ धारा 305 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता दीपक कुमार दुबे ने पुलिस को बताया था कि वह ट्रेन संख्या 14733 बठिंडा-जयपुर एक्सप्रेस से बठिंडा से रेवाड़ी आ रहे थे। यात्रा के दौरान उनका बैग चोरी हो गया था।
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बैग में लैपटॉप, चार्जर, बैंक कार्ड, घड़ी, कार की चाबी, घर की चाबी सहित अन्य सामान था। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि हिसार रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपी को बैग सहित पकड़ा था। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, चार्जर, बैंक कार्ड, घड़ी और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए। शिकायतकर्ता दीपक कुमार ने अदालत में बताया कि वह आरोपी को नहीं जानता और उसने आरोपी को चोरी करते नहीं देखा था। उसने यह भी बताया कि आरोपी की पहचान के लिए कोई पहचान परेड नहीं कराई गई।
अदालत ने पाया कि बरामदगी के दौरान किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज भी पेश नहीं की गई। अदालत ने कहा कि केवल बरामदगी के आधार पर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा। इसके बाद विजय कुमार को बरी कर दिया।