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Rewari News: तांबा-एल्युमिनियम महंगे होने से बिजली उपकरणों की कीमतें बढ़ीं
Wed, 22 Jul 2026 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:15 AM IST
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दुकान से उपकरण की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
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रेवाड़ी। तांबा और एल्युमिनियम की बढ़ती कीमतों का असर अब इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल बाजार पर साफ दिख रहा है। इन धातुओं से बनने वाले बिजली उपकरणों के दाम पिछले पांच महीनों में लगातार बढ़े हैं। इससे बाजार में ग्राहकों की मांग भी प्रभावित हुई है।
कारोबारियों के अनुसार, तांबे की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। तांबे के दाम बढ़ने से बिजली की तारों की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। एक एमएम तार का बंडल 1100 रुपये से बढ़कर 1650 रुपये का हो गया है। वहीं, डेढ़ एमएम तार का बंडल 1700 रुपये से बढ़कर 2450 रुपये तक पहुंच गया है। ढाई एमएम तार का बंडल भी 3100 रुपये से बढ़कर 3900 रुपये तक हो गया है। पंखों और पानी की मोटरों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाजार में 48 इंच के पंखे की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1450 रुपये तक पहुंच गई है। आधा हॉर्स पावर की पानी की मोटर 2800 रुपये से बढ़कर 4500 रुपये की हो गई है। दो हॉर्स पावर की मोटर 8000 रुपये से बढ़कर 10000 रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों का कहना है कि तांबे और एल्युमिनियम के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। कच्चा माल महंगा होने के कारण स्थानीय निर्माता भी कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं।
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इंसेट
मोटर से लेकर तार तक महंगे
बावल चौक स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों के कारोबारी विक्की ने बताया कि तांबे के दाम बढ़ने से तार के बंडल, पानी की मोटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो गए हैं। इन उत्पादों में तांबे का अधिक इस्तेमाल होता है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं, जिससे बाजार में मंदी का असर देखने को मिल रहा है। सर्कुलर रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान कारोबारी नवीन ने बताया कि जो पानी की मोटर पहले 3,500 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब करीब 4,500 रुपये हो गई है। बिजली के तार, स्विच-बटन समेत अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं।
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कारोबारियों के अनुसार, तांबे की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। तांबे के दाम बढ़ने से बिजली की तारों की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। एक एमएम तार का बंडल 1100 रुपये से बढ़कर 1650 रुपये का हो गया है। वहीं, डेढ़ एमएम तार का बंडल 1700 रुपये से बढ़कर 2450 रुपये तक पहुंच गया है। ढाई एमएम तार का बंडल भी 3100 रुपये से बढ़कर 3900 रुपये तक हो गया है। पंखों और पानी की मोटरों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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बाजार में 48 इंच के पंखे की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1450 रुपये तक पहुंच गई है। आधा हॉर्स पावर की पानी की मोटर 2800 रुपये से बढ़कर 4500 रुपये की हो गई है। दो हॉर्स पावर की मोटर 8000 रुपये से बढ़कर 10000 रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों का कहना है कि तांबे और एल्युमिनियम के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। कच्चा माल महंगा होने के कारण स्थानीय निर्माता भी कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं।
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मोटर से लेकर तार तक महंगे
बावल चौक स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों के कारोबारी विक्की ने बताया कि तांबे के दाम बढ़ने से तार के बंडल, पानी की मोटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो गए हैं। इन उत्पादों में तांबे का अधिक इस्तेमाल होता है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं, जिससे बाजार में मंदी का असर देखने को मिल रहा है। सर्कुलर रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान कारोबारी नवीन ने बताया कि जो पानी की मोटर पहले 3,500 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब करीब 4,500 रुपये हो गई है। बिजली के तार, स्विच-बटन समेत अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं।