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Rewari News: साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी जैसी चुनौतियां बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:09 PM IST
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रेवाड़ी। आज का युग डिजिटल है और इंटरनेट हमारी शिक्षा, संचार और कार्य का अहम हिस्सा बन चुका है। इसके साथ साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आनलाइन ठगी के मामले हर एक दो दिन में साइबर थाना में दर्ज किए जा रहे हैं।
एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) सचिन ने बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस प्रतिवर्ष फरवरी के दूसरे सप्ताह में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र भारत सरकार द्वारा मनाया जाता है।
साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। वर्तमान में हम सभी किसी न किसी रूप में इंटरनेट सेवाओं से जुड़े हैं, ऐसे में हमें पूरी सजगता और जिम्मेवारी से इंटरनेट का इस्तेमाल करना चाहिए।
एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक वीडियो और क्लोन की गई आवाजें बिल्कुल असली लग सकती हैं। किसी भी प्रतिक्रिया से पहले विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि अवश्य की जाए। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट की जा सकती है।
अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करें : सुनील
अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुनील ने बताया कि कि साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, घोटाले तथा डिजिटल फुटप्रिंट और व्यक्तिगत गोपनीयता के प्रति हर नागरिक सचेत रहें और इसके बारे में अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। डिजिटल लेन-देन और यूपीआई से जुड़ी सेवाओं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सिर्फ आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने फेक वेबसाइट्स की पहचान करने के लिए एंटी-फिशिंग टूल्स का उपयोग करने की सलाह दी है। फर्जी वेबसाइट के बचाव के लिए लॉगइन आइकॉन (पैडलॉक सिंबल) देखने और सुरक्षित रहने का सुझाव दिया।
इस तरह के आ रहे अधिक मामले
साइबर थाना पुलिस ने स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर 9.46 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में हाल ही में आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते से 69 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। इससे पहले इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 36.18 लाख रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए पीड़ित को मोटे मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। जब पीड़ित ने पैसा निकालना चाहा तो उससे और राशि मांगी गई।
तीसरे मामले में साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल फोन पर लिंक भेजकर एक युवती से लगभग 3.86 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। युवती ने लिंक पर क्लिक किया तो उसके बैंक खाते से 3 लाख 86 हजार 78 रुपये कट गए थे। यह राशि 2 से 3 जनवरी के बीच विभिन्न ट्रांजेक्शन के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर हुई थी।
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साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। वर्तमान में हम सभी किसी न किसी रूप में इंटरनेट सेवाओं से जुड़े हैं, ऐसे में हमें पूरी सजगता और जिम्मेवारी से इंटरनेट का इस्तेमाल करना चाहिए।
एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक वीडियो और क्लोन की गई आवाजें बिल्कुल असली लग सकती हैं। किसी भी प्रतिक्रिया से पहले विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि अवश्य की जाए। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट की जा सकती है।
अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करें : सुनील
अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुनील ने बताया कि कि साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, घोटाले तथा डिजिटल फुटप्रिंट और व्यक्तिगत गोपनीयता के प्रति हर नागरिक सचेत रहें और इसके बारे में अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। डिजिटल लेन-देन और यूपीआई से जुड़ी सेवाओं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सिर्फ आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने फेक वेबसाइट्स की पहचान करने के लिए एंटी-फिशिंग टूल्स का उपयोग करने की सलाह दी है। फर्जी वेबसाइट के बचाव के लिए लॉगइन आइकॉन (पैडलॉक सिंबल) देखने और सुरक्षित रहने का सुझाव दिया।
इस तरह के आ रहे अधिक मामले
साइबर थाना पुलिस ने स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर 9.46 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में हाल ही में आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते से 69 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। इससे पहले इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 36.18 लाख रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए पीड़ित को मोटे मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। जब पीड़ित ने पैसा निकालना चाहा तो उससे और राशि मांगी गई।
तीसरे मामले में साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल फोन पर लिंक भेजकर एक युवती से लगभग 3.86 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। युवती ने लिंक पर क्लिक किया तो उसके बैंक खाते से 3 लाख 86 हजार 78 रुपये कट गए थे। यह राशि 2 से 3 जनवरी के बीच विभिन्न ट्रांजेक्शन के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर हुई थी।