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Rewari News: बिहार के लखीसराय के ध्यानार्थ । सवारियों से भरा टेंपो पलटा, एक की मौत, आठ घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 10 Feb 2026 10:18 PM IST
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घायल साजन, आयु 23 वर्ष, गांव मानूचक, लक्खी सराय, बिहार
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बावल। क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे टांकड़ी जा रही सवारियों से भरा एक टेंपो खरसानकी बालावास के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की। घायलों में से तीन लोगों को बावल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी।
वहीं अन्य लोगों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल रेवाड़ी रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाला युवक बिहार के जिला लखीसराय के मानूचक निवासी बेचन कुमार उर्फ राजगीर (24) है।
हादसे की सूचना मिलते ही दोपहर बाद राजगीर के परिजन बावल के सरकारी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
करीब 30 से 40 लोगों की भीड़ ने अस्पताल में शोर-शराबा किया और शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप था कि उनसे बिना पूछे ही पोस्टमार्टम करा दिया गया है, जो गलत है। पुलिस ने टेंपों चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
आठ दिन पहले रोजी-रोटी की तलाश में रेवाड़ी आया था राजगीर
राजगीर शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां हैं। इनमें से एक दिव्यांग है। राजगीर करीब आठ दिन पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में रेवाड़ी आया था। वह अपने साथियों के साथ टांकड़ी मोड़ पर स्थित तूड़ा के गोदाम में तूड़ा भरने का कार्य करता था। वर्तमान में उसका परिवार दिल्ली में रह रहा है। परिजन 25 लाख रुपये और टेंपों चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक परिजनों ने शव नहीं लिया था। परिजनों ने राजगीर का अंतिम संस्कार बिहार में करने की बात कही है।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलानी पड़ी अतिरिक्त टीम
राजगीर के परिजनों की तरफ से बवाल मचाने के बाद स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर एक अतिरिक्त टीम बुलानी पड़ी। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और माहौल शांत करने की कोशिश की लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं हुए। कुछ देर बाद परिजन और उनके साथ आए लोग बस से रेवाड़ी के लिए रवाना हो गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। दुर्घटना के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं बरती गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलटा और उसमें सवार लोग सड़क पर जा गिरे। कुछ सवारियां टेंपो के नीचे दब गईं जबकि कई लोग दूर तक उछलकर गिर पड़े। मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायल लोग दर्द से कराहने लगे। मुझे सिर पर चोट लगी है।
- साजन, आयु 23 वर्ष, घायल
सिर पर काफी चोट लगी है। तुरंत इलाज कराया गया है। मंजर कभी न भूलने वाला है। अचानक से टेंपों पलटा और चीख पुकार मच गई। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- दुलीचंद, 21 वर्ष, घायल
मरने वाला मेरे परिवार का ही हिस्सा था। हम सभी एक साथ काम करते थे। हादसा जब हुआ तो एकदम से कुछ पता नहीं चला। हमारे साथी की मौत हो गई। काफी दुखी हूं। सब टेंपों चालक की लापरवाही की वजह से हुआ है। मेरे हाथ में चोट लगी है।
- गंगाधर, 21 वर्ष, घायल
पोस्टमार्टम करवाना कानूनी प्रक्रिया होती है जोकि करवा दिया गया था। परिजन 25 लाख रुपये और टेंपों चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से शव लेने से इंकार कर दिया है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।
- करन सिंह, जांच अधिकारी
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घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की। घायलों में से तीन लोगों को बावल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी।
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वहीं अन्य लोगों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल रेवाड़ी रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाला युवक बिहार के जिला लखीसराय के मानूचक निवासी बेचन कुमार उर्फ राजगीर (24) है।
हादसे की सूचना मिलते ही दोपहर बाद राजगीर के परिजन बावल के सरकारी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
करीब 30 से 40 लोगों की भीड़ ने अस्पताल में शोर-शराबा किया और शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप था कि उनसे बिना पूछे ही पोस्टमार्टम करा दिया गया है, जो गलत है। पुलिस ने टेंपों चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
आठ दिन पहले रोजी-रोटी की तलाश में रेवाड़ी आया था राजगीर
राजगीर शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां हैं। इनमें से एक दिव्यांग है। राजगीर करीब आठ दिन पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में रेवाड़ी आया था। वह अपने साथियों के साथ टांकड़ी मोड़ पर स्थित तूड़ा के गोदाम में तूड़ा भरने का कार्य करता था। वर्तमान में उसका परिवार दिल्ली में रह रहा है। परिजन 25 लाख रुपये और टेंपों चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक परिजनों ने शव नहीं लिया था। परिजनों ने राजगीर का अंतिम संस्कार बिहार में करने की बात कही है।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलानी पड़ी अतिरिक्त टीम
राजगीर के परिजनों की तरफ से बवाल मचाने के बाद स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर एक अतिरिक्त टीम बुलानी पड़ी। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और माहौल शांत करने की कोशिश की लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं हुए। कुछ देर बाद परिजन और उनके साथ आए लोग बस से रेवाड़ी के लिए रवाना हो गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। दुर्घटना के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं बरती गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलटा और उसमें सवार लोग सड़क पर जा गिरे। कुछ सवारियां टेंपो के नीचे दब गईं जबकि कई लोग दूर तक उछलकर गिर पड़े। मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायल लोग दर्द से कराहने लगे। मुझे सिर पर चोट लगी है।
- साजन, आयु 23 वर्ष, घायल
सिर पर काफी चोट लगी है। तुरंत इलाज कराया गया है। मंजर कभी न भूलने वाला है। अचानक से टेंपों पलटा और चीख पुकार मच गई। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- दुलीचंद, 21 वर्ष, घायल
मरने वाला मेरे परिवार का ही हिस्सा था। हम सभी एक साथ काम करते थे। हादसा जब हुआ तो एकदम से कुछ पता नहीं चला। हमारे साथी की मौत हो गई। काफी दुखी हूं। सब टेंपों चालक की लापरवाही की वजह से हुआ है। मेरे हाथ में चोट लगी है।
- गंगाधर, 21 वर्ष, घायल
पोस्टमार्टम करवाना कानूनी प्रक्रिया होती है जोकि करवा दिया गया था। परिजन 25 लाख रुपये और टेंपों चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से शव लेने से इंकार कर दिया है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।
- करन सिंह, जांच अधिकारी

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