{"_id":"69b69eebe8077f9a7b0a1353","slug":"committing-fraud-by-using-the-ruse-of-a-relative-being-stranded-abroad-rewari-news-c-198-1-rew1001-235059-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रिश्तेदार के विदेश में फंसने का झांसा देकर कर रहे ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रिश्तेदार के विदेश में फंसने का झांसा देकर कर रहे ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:27 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को साइबर अपराधियों की तरफ से अपनाए जा रहे नए तरीके को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर यह झूठा दावा करते हैं कि उनका कोई रिश्तेदार विदेश में पुलिस द्वारा पकड़ा गया है या किसी कानूनी परेशानी में फंस गया है।
इसके बाद उसे छुड़ाने के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है। साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के रिश्तेदार या परिचित का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं या उसी नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर मैसेज भेजते हैं। कई मामलों में साइबर ठग किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर देकर उसे दोस्त या सहयोगी बताकर संपर्क करने के लिए कहते हैं।
यही नहीं अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने की मांग करते हैं। यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
लोगों को कई जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह
- किसी भी मैसेज या कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और पहले उसकी सच्चाई की जांच करें।
- किसी का संदेश मिलने पर सीधे उस व्यक्ति से फोन या वीडियो कॉल कर पुष्टि करें।
- सोशल मीडिया पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें।
- बैंक विवरण, ओटीपी, आधार नंबर या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध नंबर या अकाउंट को तुरंत ब्लॉक करें और इसकी जानकारी पुलिस को दें।
Trending Videos
इसके बाद उसे छुड़ाने के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है। साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के रिश्तेदार या परिचित का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं या उसी नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर मैसेज भेजते हैं। कई मामलों में साइबर ठग किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर देकर उसे दोस्त या सहयोगी बताकर संपर्क करने के लिए कहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यही नहीं अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने की मांग करते हैं। यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
लोगों को कई जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह
- किसी भी मैसेज या कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और पहले उसकी सच्चाई की जांच करें।
- किसी का संदेश मिलने पर सीधे उस व्यक्ति से फोन या वीडियो कॉल कर पुष्टि करें।
- सोशल मीडिया पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें।
- बैंक विवरण, ओटीपी, आधार नंबर या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध नंबर या अकाउंट को तुरंत ब्लॉक करें और इसकी जानकारी पुलिस को दें।