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Rewari News: अनाजमंडी में लगा अव्यवस्थाओं का अंबार, वाटर कूलर के उपर पड़ी शराब की बोतल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:17 AM IST
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अनाज मंडी में वाटर कूलर के उपर पड़ी शराब की बोतल। संवाद
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रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। यहां कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वाटर कूलर के आसपास कचड़ा फैला है। इसके ऊपर रखी शराब की बोतलें यहां की हालत को बयान करती हैं। जबकि सरसों की फसल की कटाई शुरू होते ही किसान उपज लेकर मंडी में पहुंचने लगे हैं। मंडी प्रशासन की तैयारियां यहां नजर नहीं आ रही हैं।
संवाद टीम ने जब मंडी परिसर की पड़ताल की तो यहां की साफ-सफाई बेहद खराब स्थिति में मिली। वाटर कूलर के आसपास इतनी अधिक गंदगी जमा है कि वहां खड़ा होकर पानी पीना मुश्किल है। किसान और मजदूर गर्मी में प्यास बुझाने के लिए भटकने को मजबूर होंगे।
मंडी परिसर में स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर भी हालात बेहतर नहीं हैं। कार्यालय के बाहर पीने के पानी के लिए लगाया गया नल भी गंदगी से घिरा है। आसपास कचरा और गंदगी जमा होने से वहां खड़े होना भी मुश्किल हो जाता है।
प्याऊ के पानी से नहा रहे श्रमिक
अनाज मंडी में श्रमिकों के लिए कोई खास व्यवस्था न होने की वजह से उन्हें मजबूरी में प्याऊ के पानी से ही नहाना पड़ रहा है। श्रमिक सुनील, राजू और मुकेश ने बताया कि वह सीजन में मंडी में कार्य करने के लिए आते हैं। मगर श्रमिकों के लिए कोई खास सुविधा नहीं होती है इस वजह से उन्हें मजबूरी में प्याऊ के पानी से नहाना पड़ता है। मंडी में इस वक्त 600 से अधिक श्रमिक हैं।
किसानों के आने से व्यवस्था को लेकर दुकानदार काफी चिंतित
अनाज मंडी के दुकानदार एडवोकेट विजेंद्र गुप्ता ने सुझाव देते हुए कहा है कि सरकार को कुछ संख्या निर्धारित कर 4 से 5 गांव के अनुसार किसानों को अनाज मंडी में सरसों बिक्री के लिए बुलाना चाहिए। फसलों का ब्यौरा पोर्टल पर दिया गया है उसके अनुसार ही किसानों को अनाज मंडी में बुलाना चाहिए। इससे ट्रैक्टर आने से रास्तों में जाम नहीं लगेगा और सीमित संख्या में ही किसान अनाज मंडी में पहुंचकर अपना अनाज बेच सकेंगे। अक्सर देखने में आता है कि जब सरसों की खरीद की जाती है तो उस समय अनाज मंडी और उसके आसपास के सभी रास्ते पर जाम लग जाता है।
मंडी में लगने लगा किसानों का हुजूम
सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही अनाज मंडी में किसानों का जमावड़ा लगने लगा है। वर्तमान में मंडी में प्रतिदिन लगभग 7 हजार क्विंटल तक सरसों पहुंच रही है। हालांकि, सरकारी खरीद 28 मार्च से संभावित है, लेकिन कई किसान अपनी जरूरतों के चलते निजी आढ़तियों को फसल बेच रहे हैं। आढ़ती सरसों को 6 हजार रुपये से लेकर 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव पर खरीद रहे हैं।
व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
ने कहा है कि मंडी में आने वाले किसानों के लिए पीने का पानी, बिजली व मंडी में साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विपणन प्रवर्तक अधिकारी सत्यप्रकाश ने कहा है कि मंडी में फसल लाते समय अपना आधार कार्ड अवश्य लाएं तथा अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर लाएं। मंडी गेट पर अपनी फसल का गेट पास कटवाना सुनिश्चित करें।
- अनिल कुमार सैनी, अध्यक्ष, मार्केट कमेटी रेवाड़ी
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संवाद टीम ने जब मंडी परिसर की पड़ताल की तो यहां की साफ-सफाई बेहद खराब स्थिति में मिली। वाटर कूलर के आसपास इतनी अधिक गंदगी जमा है कि वहां खड़ा होकर पानी पीना मुश्किल है। किसान और मजदूर गर्मी में प्यास बुझाने के लिए भटकने को मजबूर होंगे।
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मंडी परिसर में स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर भी हालात बेहतर नहीं हैं। कार्यालय के बाहर पीने के पानी के लिए लगाया गया नल भी गंदगी से घिरा है। आसपास कचरा और गंदगी जमा होने से वहां खड़े होना भी मुश्किल हो जाता है।
प्याऊ के पानी से नहा रहे श्रमिक
अनाज मंडी में श्रमिकों के लिए कोई खास व्यवस्था न होने की वजह से उन्हें मजबूरी में प्याऊ के पानी से ही नहाना पड़ रहा है। श्रमिक सुनील, राजू और मुकेश ने बताया कि वह सीजन में मंडी में कार्य करने के लिए आते हैं। मगर श्रमिकों के लिए कोई खास सुविधा नहीं होती है इस वजह से उन्हें मजबूरी में प्याऊ के पानी से नहाना पड़ता है। मंडी में इस वक्त 600 से अधिक श्रमिक हैं।
किसानों के आने से व्यवस्था को लेकर दुकानदार काफी चिंतित
अनाज मंडी के दुकानदार एडवोकेट विजेंद्र गुप्ता ने सुझाव देते हुए कहा है कि सरकार को कुछ संख्या निर्धारित कर 4 से 5 गांव के अनुसार किसानों को अनाज मंडी में सरसों बिक्री के लिए बुलाना चाहिए। फसलों का ब्यौरा पोर्टल पर दिया गया है उसके अनुसार ही किसानों को अनाज मंडी में बुलाना चाहिए। इससे ट्रैक्टर आने से रास्तों में जाम नहीं लगेगा और सीमित संख्या में ही किसान अनाज मंडी में पहुंचकर अपना अनाज बेच सकेंगे। अक्सर देखने में आता है कि जब सरसों की खरीद की जाती है तो उस समय अनाज मंडी और उसके आसपास के सभी रास्ते पर जाम लग जाता है।
मंडी में लगने लगा किसानों का हुजूम
सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही अनाज मंडी में किसानों का जमावड़ा लगने लगा है। वर्तमान में मंडी में प्रतिदिन लगभग 7 हजार क्विंटल तक सरसों पहुंच रही है। हालांकि, सरकारी खरीद 28 मार्च से संभावित है, लेकिन कई किसान अपनी जरूरतों के चलते निजी आढ़तियों को फसल बेच रहे हैं। आढ़ती सरसों को 6 हजार रुपये से लेकर 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव पर खरीद रहे हैं।
व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
ने कहा है कि मंडी में आने वाले किसानों के लिए पीने का पानी, बिजली व मंडी में साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विपणन प्रवर्तक अधिकारी सत्यप्रकाश ने कहा है कि मंडी में फसल लाते समय अपना आधार कार्ड अवश्य लाएं तथा अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर लाएं। मंडी गेट पर अपनी फसल का गेट पास कटवाना सुनिश्चित करें।
- अनिल कुमार सैनी, अध्यक्ष, मार्केट कमेटी रेवाड़ी

अनाज मंडी में वाटर कूलर के उपर पड़ी शराब की बोतल। संवाद

अनाज मंडी में वाटर कूलर के उपर पड़ी शराब की बोतल। संवाद

अनाज मंडी में वाटर कूलर के उपर पड़ी शराब की बोतल। संवाद