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Rewari News: कालका व लिसाना जलघर का पानी जांच में सुरक्षित, मानकों पर खरा उतरी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:24 AM IST
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जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में पानी की जांच करते कर्मी। संवाद
- फोटो : बालमुकुंद हत्याकांड का आरोपी अंकुश। संवाद
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रेवाड़ी। कालका व लिसाना स्थित जलघर से आपूर्ति होने वाला पेयजल पूरी तरह से सुरक्षित है। जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में वाटर टैंक से लिया गया पेयजल जांच में यह पानी भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा तय किए गए सभी भौतिक और रासायनिक मानकों पर खरा उतरा है। ये रिपोर्ट केमिकल की है। केमिकल की जांच रिपोर्ट साल में 2 बार जारी की जाती है।
कालका जलघर की जांच में पानी की टर्बिडिटी एक एनटीयू से कम पाई गई, जो स्वीकार्य सीमा के भीतर है। पानी का स्वाद और गंध भी सामान्य और संतोषजनक दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीडीएस) 234 मिलीग्राम प्रति लीटर पाए गए, जबकि इसकी अधिकतम स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी तरह कुल कठोरता 170 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो मानकों के अनुसार सुरक्षित है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्षारीयता, क्लोराइड और सल्फेट की मात्रा भी तय सीमा से काफी कम पाई गई।
स्वास्थ्य की दृष्टि से अहम फ्लोराइड की मात्रा 0.68 मिलीग्राम प्रति लीटर रही जो सुरक्षित स्तर पर है। नाइट्रेट की मात्रा 6.1 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर तय है। पानी का पीएच स्तर 7.62 पाया गया, जो सामान्य सीमा 6.5 से 8.5 के बीच है।
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लिसाना जलघर की ये ही स्थिति
लिसाना जलघर की जांच रिपोर्ट में कुल टीडीएस 229 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी प्रकार कुल कठोरता 160 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो मानकों के अनुरूप सुरक्षित मानी जाती है। कैल्शियम 34.06 मिलीग्राम, मैग्नीशियम 18.22 मिलीग्राम, कुल क्षारीयता 120 मिलीग्राम और क्लोराइड 70 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया, जो सभी तय सीमा के अंदर हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण फ्लोराइड की मात्रा 0.71 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो सुरक्षित स्तर पर है। नाइट्रेट की मात्रा मात्र 5.9 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर निर्धारित है। पानी का पीएच स्तर 7.48 रहा, जो सामान्य और संतुलित माना जाता है।
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जलघर का जीवाणु जांच में भी सुरक्षित
कालका व लिसाना जलघर जीवाणु जांच (बैक्टीरियोलॉजिकल एग्जामिनेशन) में भी सुरक्षित और पीने योग्य पाया गया है। जांच में कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की संख्या शून्य पाई गई, जबकि मानकों के अनुसार 100 मिलीलीटर पानी में कोलीफॉर्म का पाया जाना अस्वीकार्य माना जाता है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षण किए गए सभी जीवाणु मानकों पर पानी कनफॉर्मिंग पाया गया है। इसी आधार पर जल को यानी पीने योग्य घोषित किया गया है। बता दें कि जीवाणु की हर माह 30 जांच की जाती है।
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वर्जन:
कालका व लिसाना स्थित जलघर जांच रिपोर्ट में वाटर टैंक से लिया गया पानी पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। मानकों से अधिक कोई तत्व नहीं मिले हैं। -दिलबाग सिंह, केमिस्ट, जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला
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कालका जलघर की जांच में पानी की टर्बिडिटी एक एनटीयू से कम पाई गई, जो स्वीकार्य सीमा के भीतर है। पानी का स्वाद और गंध भी सामान्य और संतोषजनक दर्ज की गई है।
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रिपोर्ट में कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीडीएस) 234 मिलीग्राम प्रति लीटर पाए गए, जबकि इसकी अधिकतम स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी तरह कुल कठोरता 170 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो मानकों के अनुसार सुरक्षित है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्षारीयता, क्लोराइड और सल्फेट की मात्रा भी तय सीमा से काफी कम पाई गई।
स्वास्थ्य की दृष्टि से अहम फ्लोराइड की मात्रा 0.68 मिलीग्राम प्रति लीटर रही जो सुरक्षित स्तर पर है। नाइट्रेट की मात्रा 6.1 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर तय है। पानी का पीएच स्तर 7.62 पाया गया, जो सामान्य सीमा 6.5 से 8.5 के बीच है।
लिसाना जलघर की ये ही स्थिति
लिसाना जलघर की जांच रिपोर्ट में कुल टीडीएस 229 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी प्रकार कुल कठोरता 160 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो मानकों के अनुरूप सुरक्षित मानी जाती है। कैल्शियम 34.06 मिलीग्राम, मैग्नीशियम 18.22 मिलीग्राम, कुल क्षारीयता 120 मिलीग्राम और क्लोराइड 70 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया, जो सभी तय सीमा के अंदर हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण फ्लोराइड की मात्रा 0.71 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो सुरक्षित स्तर पर है। नाइट्रेट की मात्रा मात्र 5.9 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर निर्धारित है। पानी का पीएच स्तर 7.48 रहा, जो सामान्य और संतुलित माना जाता है।
जलघर का जीवाणु जांच में भी सुरक्षित
कालका व लिसाना जलघर जीवाणु जांच (बैक्टीरियोलॉजिकल एग्जामिनेशन) में भी सुरक्षित और पीने योग्य पाया गया है। जांच में कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की संख्या शून्य पाई गई, जबकि मानकों के अनुसार 100 मिलीलीटर पानी में कोलीफॉर्म का पाया जाना अस्वीकार्य माना जाता है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षण किए गए सभी जीवाणु मानकों पर पानी कनफॉर्मिंग पाया गया है। इसी आधार पर जल को यानी पीने योग्य घोषित किया गया है। बता दें कि जीवाणु की हर माह 30 जांच की जाती है।
वर्जन:
कालका व लिसाना स्थित जलघर जांच रिपोर्ट में वाटर टैंक से लिया गया पानी पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। मानकों से अधिक कोई तत्व नहीं मिले हैं। -दिलबाग सिंह, केमिस्ट, जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला