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Rewari News: पुस्तक मेले में 95 हजार से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:15 AM IST
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आईजीयू में पुस्तकें देखते विद्यार्थी। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी पुस्तकालय के बेसमेंट में शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दो दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ किया गया। इसमें 33 से अधिक प्रकाशन समूहों व पुस्तक एजेंसियों ने भाग लिया। लगभग 95 हजार से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गईं।
पुस्तक मेले का उद्घाटन अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार एवं पुस्तकालय अध्यक्ष एवं निदेशक अनुसंधान एवं विकास केंद्र प्रोफेसर पंकज कुमार त्यागी ने किया।
प्रोफेसर सुनील कुमार ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का अमूल्य स्रोत हैं और विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को पुस्तकालय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने, नवीन पुस्तकों से जुड़ने तथा अध्ययन-अध्यापन एवं शोध में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तक प्रदर्शनियां अकादमिक वातावरण को समृद्ध करती हैं और ज्ञान-संस्कृति को प्रोत्साहित करती हैं।
प्रोफेसर पंकज कुमार त्यागी ने पुस्तक मेले की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों से संबंधित नवीनतम पाठ्य-पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, शोध-आधारित पुस्तकें एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित कराई गई है।
इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का चयनित कर शोधार्थी लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुस्तकालय की सुविधाओं का नियमित रूप से लाभ उठाएं और पठन-पाठन की आदत को विकसित करें।
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पुस्तक मेले का उद्घाटन अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार एवं पुस्तकालय अध्यक्ष एवं निदेशक अनुसंधान एवं विकास केंद्र प्रोफेसर पंकज कुमार त्यागी ने किया।
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प्रोफेसर सुनील कुमार ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का अमूल्य स्रोत हैं और विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को पुस्तकालय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने, नवीन पुस्तकों से जुड़ने तथा अध्ययन-अध्यापन एवं शोध में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तक प्रदर्शनियां अकादमिक वातावरण को समृद्ध करती हैं और ज्ञान-संस्कृति को प्रोत्साहित करती हैं।
प्रोफेसर पंकज कुमार त्यागी ने पुस्तक मेले की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों से संबंधित नवीनतम पाठ्य-पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, शोध-आधारित पुस्तकें एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित कराई गई है।
इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का चयनित कर शोधार्थी लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुस्तकालय की सुविधाओं का नियमित रूप से लाभ उठाएं और पठन-पाठन की आदत को विकसित करें।