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Rewari News: लापता कर्मचारियों के परिजनों ने कंपनी के बाहर किया हंगामा, पुलिस से हुई धक्का- मुक्की
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मौके पर समझाती पुलिस टीम। स्रोत : वीडियो ग्रैब
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जीएलएस केमिकल कंपनी में हुए अग्निकांड के तीसरे दिन भी प्रशासन खाली हाथ
बावल। औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-5 स्थित जीएलएस केमिकल कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड के तीसरे दिन भी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के हाथ खाली नजर आए। आग की घटना के बाद लापता बिहार निवासी कर्मचारी धर्मेंद्र के परिजन लगातार इंतजार करने के बाद कंपनी में पहुंचे।
कोई सुराग नहीं मिलने से नाराज परिवार ने कंपनी गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
काफी देर तक समझाने के बावजूद जब परिजन शांत नहीं हुए तो पुलिस उन्हें कंपनी परिसर के अंदर लेकर गई और आग से हुए नुकसान की स्थिति दिखाई। कंपनी के भीतर जले हुए सामान और आग से प्रभावित हिस्सों को देखने के बाद धर्मेंद्र के पिता ने भी माना कि अंदर अब तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
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इसके बाद ठेकेदार कर्मचारी परिवार को एक गाड़ी में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इससे पहले सुबह लापता कर्मचारी सत्येंद्र के परिवार को भी इसी प्रकार से अज्ञात स्थान पर ले जाने की बात सामने आई।
सत्येंद्र का परिवार भी सुबह कंपनी पहुंचा था और जानकारी मांग रहे थे। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल कंपनी के अंदर किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
स्थिति को देखते हुए कंपनी के बाहर पुलिस टीम तैनात की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को भी मौके पर लगाया गया।
पिघले लोहे और अन्य जले हुए सामान का तापमान अभी भी अधिक
आग की घटना के बाद बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ की टीम बुधवार देर शाम वापस लौट गई। दरअसल, कंपनी के अंदर आग के कारण पिघले लोहे और अन्य जले हुए सामान का तापमान अभी भी काफी अधिक बना हुआ है।
ऐसे हालात में एनडीआरएफ टीम को अभियान चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पर्याप्त संसाधन और सुरक्षित परिस्थितियां नहीं मिलने के कारण टीम प्रभावी तरीके से अभियान जारी नहीं रख पा रही थी।
एनडीआरएफ के लौटने के बाद अब बचाव और तलाशी अभियान की जिम्मेदारी एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और लोकल टीमों पर आ गई है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में लापता कर्मियों की संख्या को लेकर और खुलासे हो सकते हैं।
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दोनों कर्मचारियों के परिवार ने कही ये बातें
लापता कर्मचारी सतेंद्र की पत्नी सोना देवी ने बताया कि उनका पति पिछले दो वर्षों से कंपनी में काम कर रहा था और घटना वाले दिन भी ड्यूटी पर गया था। कंपनी परिसर में उसकी साइकिल मिलने की सूचना मिली है, लेकिन उसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया। सतेंद्र मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और बावल में किराये पर रहता था।
वहीं धर्मेंद्र के भाई जितेंद्र ने बताया कि उसका 25 वर्षीय भाई भी कंपनी में कार्यरत था और आग लगने के बाद से लापता है। दोनों कर्मचारियों के परिजनों ने कंपनी गेट के बाहर प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया और लापता कर्मचारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
बावल। औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-5 स्थित जीएलएस केमिकल कंपनी में हुए भीषण अग्निकांड के तीसरे दिन भी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के हाथ खाली नजर आए। आग की घटना के बाद लापता बिहार निवासी कर्मचारी धर्मेंद्र के परिजन लगातार इंतजार करने के बाद कंपनी में पहुंचे।
कोई सुराग नहीं मिलने से नाराज परिवार ने कंपनी गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
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काफी देर तक समझाने के बावजूद जब परिजन शांत नहीं हुए तो पुलिस उन्हें कंपनी परिसर के अंदर लेकर गई और आग से हुए नुकसान की स्थिति दिखाई। कंपनी के भीतर जले हुए सामान और आग से प्रभावित हिस्सों को देखने के बाद धर्मेंद्र के पिता ने भी माना कि अंदर अब तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
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इसके बाद ठेकेदार कर्मचारी परिवार को एक गाड़ी में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इससे पहले सुबह लापता कर्मचारी सत्येंद्र के परिवार को भी इसी प्रकार से अज्ञात स्थान पर ले जाने की बात सामने आई।
सत्येंद्र का परिवार भी सुबह कंपनी पहुंचा था और जानकारी मांग रहे थे। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल कंपनी के अंदर किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
स्थिति को देखते हुए कंपनी के बाहर पुलिस टीम तैनात की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को भी मौके पर लगाया गया।
पिघले लोहे और अन्य जले हुए सामान का तापमान अभी भी अधिक
आग की घटना के बाद बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ की टीम बुधवार देर शाम वापस लौट गई। दरअसल, कंपनी के अंदर आग के कारण पिघले लोहे और अन्य जले हुए सामान का तापमान अभी भी काफी अधिक बना हुआ है।
ऐसे हालात में एनडीआरएफ टीम को अभियान चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पर्याप्त संसाधन और सुरक्षित परिस्थितियां नहीं मिलने के कारण टीम प्रभावी तरीके से अभियान जारी नहीं रख पा रही थी।
एनडीआरएफ के लौटने के बाद अब बचाव और तलाशी अभियान की जिम्मेदारी एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और लोकल टीमों पर आ गई है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में लापता कर्मियों की संख्या को लेकर और खुलासे हो सकते हैं।
दोनों कर्मचारियों के परिवार ने कही ये बातें
लापता कर्मचारी सतेंद्र की पत्नी सोना देवी ने बताया कि उनका पति पिछले दो वर्षों से कंपनी में काम कर रहा था और घटना वाले दिन भी ड्यूटी पर गया था। कंपनी परिसर में उसकी साइकिल मिलने की सूचना मिली है, लेकिन उसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया। सतेंद्र मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और बावल में किराये पर रहता था।
वहीं धर्मेंद्र के भाई जितेंद्र ने बताया कि उसका 25 वर्षीय भाई भी कंपनी में कार्यरत था और आग लगने के बाद से लापता है। दोनों कर्मचारियों के परिजनों ने कंपनी गेट के बाहर प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया और लापता कर्मचारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

मौके पर समझाती पुलिस टीम। स्रोत : वीडियो ग्रैब