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Rewari News: कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों पर रोक हटने से राहत की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:42 AM IST
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गाड़ी से सिलिंडर उतार रहा कर्मचारी। संवाद
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रेवाड़ी। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर लगी रोक हटने के बाद लोग गैस एजेंसियों पर पूछताछ करने वालों की भीड़ पहुंच रही है। एजेंसी संचालक फिलहाल स्वयं भी असमंजस की स्थिति में हैं और अभी तक सिलिंडरों का वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
रविवार को भी कई लोग गैस एजेंसियों पर सिलिंडर से संबंधित जानकारी लेने के लिए पहुंचे। लेकिन पहले की तुलना में भीड़ अपेक्षाकृत कम देखने को मिली। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खासकर होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय चलाने वाले लोगों को अधिक दिक्कत हो रही है क्योंकि उनका काम कॉमर्शियल सिलिंडरों पर ही निर्भर करता है। अब आपूर्ति बहाल होने की सूचना के बाद एजेंसियों पर जाकर स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
घरेलू सिलिंडर लेने वालों की भी लग रही भीड़
दूसरी ओर घरेलू गैस सिलिंडर लेने में भी उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं जिससे ऑनलाइन सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। कई बार सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग और एंट्री की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है जिससे उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्रों में हालात खराब
गैस की कमी का असर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 400 ऐसी कंपनियां हैं जिनका उत्पादन मुख्य रूप से एलपीजी और पीएनजी गैस पर निर्भर करता है। इन कंपनियों में गैस की आपूर्ति कम होने के कारण उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है।
पहले इन कंपनियों में उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन शिफ्टों में काम किया जाता था लेकिन गैस की कमी के कारण अब अधिकतर कंपनियों में केवल दो शिफ्टों में ही काम चलाया जा रहा है। इससे उत्पादन में कमी आई है और उद्योगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
इसके अलावा कर्मचारियों के ओवरटाइम पर भी रोक लगा दी गई है जिससे मजदूरों की आय पर सीधा असर पड़ा है। मजदूरों का कहना है कि ओवरटाइम बंद होने से उनकी मासिक आय कम हो गई है जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
जिले में घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी गैस एजेंसियों के पास मांग के अनुसार उक्ति मात्रा में सिलिंडरों मौजूद हैं तथा आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने बताया कि नियमित होम डिलिवरी उपभोक्ताओं को उनके बुक में क्रम के अनुसार सिलेंडरों की होम डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है। नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करें। कालाबाजारी या वितरण में अनियमितता बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- नीतिश कुमार सिंगला, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता नियंत्रक
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रविवार को भी कई लोग गैस एजेंसियों पर सिलिंडर से संबंधित जानकारी लेने के लिए पहुंचे। लेकिन पहले की तुलना में भीड़ अपेक्षाकृत कम देखने को मिली। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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खासकर होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय चलाने वाले लोगों को अधिक दिक्कत हो रही है क्योंकि उनका काम कॉमर्शियल सिलिंडरों पर ही निर्भर करता है। अब आपूर्ति बहाल होने की सूचना के बाद एजेंसियों पर जाकर स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
घरेलू सिलिंडर लेने वालों की भी लग रही भीड़
दूसरी ओर घरेलू गैस सिलिंडर लेने में भी उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं जिससे ऑनलाइन सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। कई बार सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग और एंट्री की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है जिससे उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्रों में हालात खराब
गैस की कमी का असर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 400 ऐसी कंपनियां हैं जिनका उत्पादन मुख्य रूप से एलपीजी और पीएनजी गैस पर निर्भर करता है। इन कंपनियों में गैस की आपूर्ति कम होने के कारण उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है।
पहले इन कंपनियों में उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन शिफ्टों में काम किया जाता था लेकिन गैस की कमी के कारण अब अधिकतर कंपनियों में केवल दो शिफ्टों में ही काम चलाया जा रहा है। इससे उत्पादन में कमी आई है और उद्योगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
इसके अलावा कर्मचारियों के ओवरटाइम पर भी रोक लगा दी गई है जिससे मजदूरों की आय पर सीधा असर पड़ा है। मजदूरों का कहना है कि ओवरटाइम बंद होने से उनकी मासिक आय कम हो गई है जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
जिले में घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी गैस एजेंसियों के पास मांग के अनुसार उक्ति मात्रा में सिलिंडरों मौजूद हैं तथा आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने बताया कि नियमित होम डिलिवरी उपभोक्ताओं को उनके बुक में क्रम के अनुसार सिलेंडरों की होम डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है। नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करें। कालाबाजारी या वितरण में अनियमितता बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- नीतिश कुमार सिंगला, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता नियंत्रक