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Rewari News: 30 मिमी बारिश में रेवाड़ी बस स्टैंड बन जाता है तालाब

Wed, 05 Aug 2026 04:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 05 Aug 2026 04:21 PM IST
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Rewari bus stand turns into a pond with 30 mm of rainfall.
बस स्टैंड परिसर में जमा बारिश का पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। एक दशक से शहर के बस स्टैंड परिसर में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। 30 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने पर पूरे परिसर में डेढ़ से दो फिट पानी जमा हो जाता है। यह स्थिति यात्रियों, चालकों और परिचालकों के लिए भारी परेशानी का कारण बनती है। बस स्टैंड का निचाई क्षेत्र में होना इस जलभराव का मुख्य कारण है।
यह समस्या राज्य परिवहन के राजस्व को भी प्रभावित कर रही है। यात्री असुविधा के कारण निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने लगते हैं। इससे बसों में यात्रियों की संख्या घटती है और परिवहन विभाग को आर्थिक नुकसान होता है। बरसात के दिनों में बसों के संचालन का समय भी प्रभावित होता है।
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी नगर परिषद के साथ समन्वय बनाकर जल निकासी के तकनीकी पहलुओं पर काम करने की बात कहते हैं। वहीं नगर परिषद के अधिकारी भी जलभराव की समस्या को संज्ञान में लेकर स्थायी समाधान की संभावनाओं पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करने का दावा करते हैं।
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नए बस स्टैंड का निर्माण कार्य जारी होने के कारण भी प्रबंधन इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। जन स्वास्थ्य विभाग हर साल पानी निकासी के दावे करता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। बारिश के मौसम में बस स्टैंड परिसर की हालत किसी झील जैसी हो जाती है। अच्छी बारिश के बाद करीब छह से आठ घंटे तक जलभराव की समस्या बनी रहती है।
इस कारण राज्य परिवहन को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बसों के संचालन में बाधा आने और यात्रियों की संख्या में कमी के चलते राजस्व पर सीधा असर पड़ता है। मजबूरी में परिवहन विभाग को वैकल्पिक बूथों का सहारा लेना पड़ता है। राज्य परिवहन विभाग के अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए लगातार नगर परिषद और जन स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इस समस्या को हल करने के लिए इन विभागों के सहयोग की आवश्यकता है।
इंसेट
छोटे वाहनों और ऑटो का प्रवेश बड़ी चुनौती
कई बार तो बसें भी पानी में डूबी रहती हैं जिससे वे यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं हो पातीं। छोटे वाहनों और ऑटो के लिए भी परिसर में प्रवेश करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बस स्टैंड परिसर के चारों ओर सड़कों व आसपास क्षेत्र का स्तर काफी ऊंचा है। इसके कारण परिसर में पानी जमा होना एक आम बात है।
इंसेट
समाधान के प्रयास और चुनौतियां
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से बस स्टैंड परिसर से पानी निकालने के लिए एक पंप सेट लगाया गया है लेकिन यह पंप सेट जलभराव की समस्या के लिए नाकाफी साबित होता है। बस स्टैंड परिसर में होने वाले इस वार्षिक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है।इसके लिए नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और राज्य परिवहन विभाग को एक प्रभावी कार्ययोजना बनानी होगी। नए बस स्टैंड का निर्माण कार्य जारी होने के कारण भी वर्तमान समस्या के स्थायी समाधान पर प्रबंधन की गंभीरता कम दिखती है।

- वर्जन:
बरसात के दिनों में जलभराव को ध्यान में रखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग को पंप सेट की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा जाएगा। साथ ही नया बस स्टैंड तैयार होने तक समस्या के स्थाई समाधान के विकल्प भी तलाशे जाएंगे। जन स्वास्थ्य विभाग का एक पंप सेट पहले से लगा हुआ है। - निरंजन शर्मा, महा प्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो

बस स्टैंड परिसर में जमा बारिश का पानी। संवाद

बस स्टैंड परिसर में जमा बारिश का पानी। संवाद

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