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Rewari News: सफाई कर्मचारियों को विभिन्न संगठनों का मिला समर्थन
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फोटो : 6
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेवाड़ी ब्लॉक में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हड़ताल स्थल पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। धरने को विभिन्न विभागों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी मिला।
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नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान ईश्वर सिंह बोड़वाल और धारूहेड़ा इकाई प्रधान अनिल कुमार तेज सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी गांवों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं और उनकी मांगों को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। इसके अलावा सिंचाई विभाग यूनियन के जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार और रवि यादव ने भी धरने को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि मजदूर और कर्मचारी एकता के बल पर ही अपने अधिकार हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आंदोलन को मजबूत करने और एकजुट रहने की अपील की। धरने में चेतराम, रमेश, कृष्णा, सूरत सिंह, धन्नाराम, सतीश, सोमबीर, मुकेश, मीना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
सफाई कर्मचारी वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे
जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
जिला सचिव मनोज कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों में सरकार की नीतियों को लेकर भारी नाराजगी है और अब वे अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
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कर्मचारियों ने की ये मांग:
धरने में कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए सरकार से तुरंत लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए और 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेवाड़ी ब्लॉक में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हड़ताल स्थल पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। धरने को विभिन्न विभागों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी मिला।
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नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान ईश्वर सिंह बोड़वाल और धारूहेड़ा इकाई प्रधान अनिल कुमार तेज सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को पूरी तरह जायज बताते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी गांवों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं और उनकी मांगों को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। इसके अलावा सिंचाई विभाग यूनियन के जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार और रवि यादव ने भी धरने को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि मजदूर और कर्मचारी एकता के बल पर ही अपने अधिकार हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आंदोलन को मजबूत करने और एकजुट रहने की अपील की। धरने में चेतराम, रमेश, कृष्णा, सूरत सिंह, धन्नाराम, सतीश, सोमबीर, मुकेश, मीना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
सफाई कर्मचारी वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे
जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
जिला सचिव मनोज कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों में सरकार की नीतियों को लेकर भारी नाराजगी है और अब वे अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
कर्मचारियों ने की ये मांग:
धरने में कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए सरकार से तुरंत लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए और 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए।