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उल्लास योजना : 1184 परीक्षार्थियों ने दी साक्षरता परीक्षा, महिलाओं की अधिक रही संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:13 AM IST
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय में उल्लास कार्यक्रम के तहत परीक्षा देते हुए परीक्षार्थी। संवाद
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रेवाड़ी। उल्लास योजना के अंतर्गत रविवार को जिले के 189 केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में कुल 1184 परीक्षार्थियों ने भाग लिया जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी अधिक रही। परीक्षा में 216 पुरुष और 968 महिलाओं ने हिस्सा लिया। जिले से कुल 2145 लोगों ने आवेदन किया था।
परीक्षा की अवधि तीन घंटे निर्धारित थी। अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। इस परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की ओर से साक्षरता का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
जो परीक्षार्थी इस बार परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे उन्हें दिसंबर में आयोजित होने वाली अगली परीक्षा में फिर से बैठने का अवसर दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने वर्ष 2022 में पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम उल्लास योजना शुरू की थी।
योजना का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों को शिक्षित करना है जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए थे।
2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य
शिक्षा विभाग ने जिले में अधिक से अधिक लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद जिले में केवल कुछ हजार निरक्षर ही शेष रह जाएंगे जिन्हें अगले एक से दो वर्षों में साक्षर बनाने की योजना है। मिशन को सफल बनाने के लिए जिले के 331 स्कूलों में उल्लास सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जहां निरक्षर लोगों को पढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि सतत निगरानी और प्रयासों के माध्यम से वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया
प्रत्येक कमरे में लगाई गई शिक्षकों की ड्यूटी
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए उसमें शिक्षक उन्हें समझाते नजर आए। परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी।
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा आयोजित की गई। कार्यक्रम के तहत 189 विद्यालयों में परीक्षा हुई।
- अशोक नामवाल, नोडल अधिकारी रेवाड़ी।
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परीक्षा की अवधि तीन घंटे निर्धारित थी। अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। इस परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान की ओर से साक्षरता का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
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जो परीक्षार्थी इस बार परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे उन्हें दिसंबर में आयोजित होने वाली अगली परीक्षा में फिर से बैठने का अवसर दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने वर्ष 2022 में पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम उल्लास योजना शुरू की थी।
योजना का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों को शिक्षित करना है जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए थे।
2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य
शिक्षा विभाग ने जिले में अधिक से अधिक लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद जिले में केवल कुछ हजार निरक्षर ही शेष रह जाएंगे जिन्हें अगले एक से दो वर्षों में साक्षर बनाने की योजना है। मिशन को सफल बनाने के लिए जिले के 331 स्कूलों में उल्लास सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जहां निरक्षर लोगों को पढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि सतत निगरानी और प्रयासों के माध्यम से वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया
प्रत्येक कमरे में लगाई गई शिक्षकों की ड्यूटी
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए एक-एक कमरे में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, परीक्षा के दौरान जिन सवालों में परीक्षार्थी उलझते नजर आए उसमें शिक्षक उन्हें समझाते नजर आए। परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए दिल्ली से केंद्र सरकार की स्पेशल टीम समय-समय पर सेंटर की चेकिंग करने के लिए पहुंच रही थी।
जिले में रविवार को उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में परीक्षा आयोजित की गई। कार्यक्रम के तहत 189 विद्यालयों में परीक्षा हुई।
- अशोक नामवाल, नोडल अधिकारी रेवाड़ी।

राजकीय माध्यमिक विद्यालय में उल्लास कार्यक्रम के तहत परीक्षा देते हुए परीक्षार्थी। संवाद