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Rewari News: टीकाकरण केवल शिशुओं के लिए ही नहीं, किशोरों और वयस्कों के लिए भी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:40 AM IST
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रेवाड़ी। हर साल 16 मार्च को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस का उद्देश्य केवल पोलियो तक सीमित नहीं है। यह सभी प्रकार के टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का भी काम करता है। माता-पिता अपने बच्चों के जन्म के बाद टीकाकरण चार्ट के अनुसार वैक्सीन लगवाने के प्रति काफी सतर्क रहते हैं।
यह बात राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने कही। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं टीकाकरण को लेकर जागरूकता कम होने लगती है। यह दिन लोगों को याद दिलाता है कि टीकाकरण केवल शिशुओं के लिए ही नहीं बल्कि किशोरों और वयस्कों के लिए भी जरूरी है। आज के समय में कई ऐसे टीके उपलब्ध हैं जो गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं।
उदाहरण के तौर पर किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा वयस्कों के लिए फ्लू, निमोनिया, हेपेटाइटिस-बी और दाद जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भी टीकाकरण आवश्यक है। अक्सर लोग इन टीकों को नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
टीकाकरण का एक और महत्वपूर्ण पहलू सामूहिक प्रतिरक्षा यानी हर्ड इम्युनिटी है। जब अधिकांश लोग टीका लगवा लेते हैं तो इससे एक सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है। आगे बताया कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई प्रगति हो रही है। समय-समय पर नई जीवनरक्षक वैक्सीन और दवाओं का विकास किया जा रहा है।
100 से अधिक किशोरियों को लगा टीका
जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक जिले में 100 से अधिक किशोरियों को यह टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि मासिक धर्म के दौरान भी यह टीका सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।
राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान
जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 2024 का आयोजन आज किया जा रहा है। घर-घर जाकर शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। पल्स पोलियो अभियान के लिए 0 से 5 वर्ष तक के 95 हजार 476 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है।
टीकाकरण इंसानों ही नहीं पशुओं के लिए भी जरूरी
टीकाकरण इंसानों ही नहीं पशुओं के लिए भी जरूरी है। पशुपालन विभाग की ओर से जिले में दुधारू पशुओं को मुंह खुर (एफएमडी) औ गलाघोंटू (एचएस) से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला। इस इंजेक्शन को लगाने से पशु को मुंह खुर व गलघोंटू बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। ये दोनों ही बीमारियां पशु के लिए खतरनाक है और इनमें पशु के साथ उसकी देखभाल करने वाला पालक भी परेशान हो जाता है। मुंह खुर बीमारी में पशु दूध देना कम कर देता है और उसके मुंह से लार टपकती रहती है तथा बुखार रहता है। गलाघोंटू बीमारी में पशु के गले में घुटन जैसी तकलीफ रहती है और उसे तेज बुखार आता है।
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यह बात राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने कही। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं टीकाकरण को लेकर जागरूकता कम होने लगती है। यह दिन लोगों को याद दिलाता है कि टीकाकरण केवल शिशुओं के लिए ही नहीं बल्कि किशोरों और वयस्कों के लिए भी जरूरी है। आज के समय में कई ऐसे टीके उपलब्ध हैं जो गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं।
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उदाहरण के तौर पर किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा वयस्कों के लिए फ्लू, निमोनिया, हेपेटाइटिस-बी और दाद जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भी टीकाकरण आवश्यक है। अक्सर लोग इन टीकों को नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
टीकाकरण का एक और महत्वपूर्ण पहलू सामूहिक प्रतिरक्षा यानी हर्ड इम्युनिटी है। जब अधिकांश लोग टीका लगवा लेते हैं तो इससे एक सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है। आगे बताया कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई प्रगति हो रही है। समय-समय पर नई जीवनरक्षक वैक्सीन और दवाओं का विकास किया जा रहा है।
100 से अधिक किशोरियों को लगा टीका
जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक जिले में 100 से अधिक किशोरियों को यह टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि मासिक धर्म के दौरान भी यह टीका सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।
राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान
जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 2024 का आयोजन आज किया जा रहा है। घर-घर जाकर शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। पल्स पोलियो अभियान के लिए 0 से 5 वर्ष तक के 95 हजार 476 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है।
टीकाकरण इंसानों ही नहीं पशुओं के लिए भी जरूरी
टीकाकरण इंसानों ही नहीं पशुओं के लिए भी जरूरी है। पशुपालन विभाग की ओर से जिले में दुधारू पशुओं को मुंह खुर (एफएमडी) औ गलाघोंटू (एचएस) से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला। इस इंजेक्शन को लगाने से पशु को मुंह खुर व गलघोंटू बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है। ये दोनों ही बीमारियां पशु के लिए खतरनाक है और इनमें पशु के साथ उसकी देखभाल करने वाला पालक भी परेशान हो जाता है। मुंह खुर बीमारी में पशु दूध देना कम कर देता है और उसके मुंह से लार टपकती रहती है तथा बुखार रहता है। गलाघोंटू बीमारी में पशु के गले में घुटन जैसी तकलीफ रहती है और उसे तेज बुखार आता है।