{"_id":"697ba71706b3b3943f047858","slug":"women-will-become-self-reliant-through-the-widow-grant-scheme-rewari-news-c-198-1-rew1001-232762-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: विधवा अनुदान योजना से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: विधवा अनुदान योजना से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में विधवा अनुदान योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र महिलाओं को तीन लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना के लिए वहीं महिलाएं पात्र होंगी, जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये या फिर इससे कम हो। महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कोई भी महिला पहले किसी ऋण मामले में डिफाल्टर ना हो और वह हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
डीसी ने बताया कि यह योजना महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही है। इसका लाभ लेकर महिलाएं अपना जीवन स्तर सुधार सकती हैं।
उन्होंने बताया कि विधवा अनुदान योजना के तहत बैंक ऋण के ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम की ओर से वहन की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये होगी।
महिलाएं स्वरोजगार स्थापित करके दूसरे नागरिकों को भी रोजगार प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम की विधवा अनुदान योजना के तहत विधवा महिलाएं डेयरी, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ बनाना, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, स्कूल यूनिफार्म सिलना आदि काम शुरू कर सकती हैं।
-
ये दस्तावेज अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र ,पासपोर्ट आकार फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र आदि शामिल है। इसके अलावा सभी दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां होनी आवश्यक है।
Trending Videos
इस योजना के लिए वहीं महिलाएं पात्र होंगी, जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये या फिर इससे कम हो। महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कोई भी महिला पहले किसी ऋण मामले में डिफाल्टर ना हो और वह हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसी ने बताया कि यह योजना महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही है। इसका लाभ लेकर महिलाएं अपना जीवन स्तर सुधार सकती हैं।
उन्होंने बताया कि विधवा अनुदान योजना के तहत बैंक ऋण के ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम की ओर से वहन की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये होगी।
महिलाएं स्वरोजगार स्थापित करके दूसरे नागरिकों को भी रोजगार प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम की विधवा अनुदान योजना के तहत विधवा महिलाएं डेयरी, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ बनाना, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, स्कूल यूनिफार्म सिलना आदि काम शुरू कर सकती हैं।
-
ये दस्तावेज अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र ,पासपोर्ट आकार फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र आदि शामिल है। इसके अलावा सभी दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां होनी आवश्यक है।