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Rohtak News: जिले की 1.70 लाख भूमि सेम की समस्या से ग्रस्त, प्रोजेक्ट चलाकर समाधान का किया जा रहा प्रयास
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17- सुधीर, रैनकपुरा, रोहतक
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कम पानी वाली फसल उगाकर कर सकते बचाव: उपमंडल अधिकारी संदीप
अभिषेक कीरत
रोहतक। वर्तमान में जिले के लगभग सभी गांव सेम की समस्या से पीड़ित हैं। जिले मेें 147 गांव हैं। कृषि विभाग में कार्यरत सोमवीर ने बताया कि जिले में करीब 1.70 लाख एकड़ भूमि सेम की समस्या से ग्रस्त है।
कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अधिकारी सोमबीर ग्रेवाल के अनुसार समस्या के समाधान के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट व सब सरफेज ड्रेनेज चलाया जा रहा है। जिले में फिलहाल यह प्रोजेक्ट चार गांवों में चलाया जा रहा है। इनमें बालंद, खरक जटान, नांदल व गिरोड़ शामिल है।
आगे प्रोजेक्ट में मोखरा खेड़ी, अटायल, अजायब, मसूरपुर व समचाना गांवों को शामिल किया जाएगा। दो से चार साल में जिले को सेममुक्त बनाने का लक्ष्य है। संवाद
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कम पानी लेने वाली फसलों को अपनाएं
सेम की समस्या की प्राकृतिक जल निकासी में रुकावट, अत्यधिक सिंचाई और भूजल स्तर का बढ़ना है। इन कारणों से मिट्टी में मौजूद लवण ऊपर की सतह पर आ जाते हैं। रोहतक में लवण युक्त जल के कारण ही सेम की समस्या बनी हुई है। इससे धीरे-धीरे खेत बंजर भी होने लगते हैं। फसल उत्पादन प्रभावित होता है। अधिक पानी लेने वाली फसलों का उत्पादन घटाकर व कम पानी लेने वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाकर समस्या को कम किया जा सकता है। -संदीप, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग रोहतक
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दोनों प्रोजेक्ट ऐसे करते हैं काम
भूमि संरक्षण अधिकारी सोमबीर ग्रेवाल ने बताया कि वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट में समर्सिबल पंप का उपयोग कर पानी को सोलर प्लेट की मदद से निकाला जाता है। सरफेस ड्रेनेज प्रोजेक्ट में 50 से 100 एकड़ क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जाती है। इनमें जल स्वयं जाता रहता है। इसके बाद इस पानी को एक जगह इकट्ठा कर ड्रेन में डाल दिया जाता है।
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सेम की समस्या की वजह से कड़वा पानी आता है। इस पानी को शौचालय में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। आसपास के गांव में भी यही समस्या है। -सुधीर, रैनकपुरा
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सेम की समस्या के कारण खराब पानी आ रहा है। इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। -नवीन, भगवतीपुर, रोहतक
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अभिषेक कीरत
रोहतक। वर्तमान में जिले के लगभग सभी गांव सेम की समस्या से पीड़ित हैं। जिले मेें 147 गांव हैं। कृषि विभाग में कार्यरत सोमवीर ने बताया कि जिले में करीब 1.70 लाख एकड़ भूमि सेम की समस्या से ग्रस्त है।
कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अधिकारी सोमबीर ग्रेवाल के अनुसार समस्या के समाधान के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट व सब सरफेज ड्रेनेज चलाया जा रहा है। जिले में फिलहाल यह प्रोजेक्ट चार गांवों में चलाया जा रहा है। इनमें बालंद, खरक जटान, नांदल व गिरोड़ शामिल है।
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आगे प्रोजेक्ट में मोखरा खेड़ी, अटायल, अजायब, मसूरपुर व समचाना गांवों को शामिल किया जाएगा। दो से चार साल में जिले को सेममुक्त बनाने का लक्ष्य है। संवाद
कम पानी लेने वाली फसलों को अपनाएं
सेम की समस्या की प्राकृतिक जल निकासी में रुकावट, अत्यधिक सिंचाई और भूजल स्तर का बढ़ना है। इन कारणों से मिट्टी में मौजूद लवण ऊपर की सतह पर आ जाते हैं। रोहतक में लवण युक्त जल के कारण ही सेम की समस्या बनी हुई है। इससे धीरे-धीरे खेत बंजर भी होने लगते हैं। फसल उत्पादन प्रभावित होता है। अधिक पानी लेने वाली फसलों का उत्पादन घटाकर व कम पानी लेने वाली फसलों का उत्पादन बढ़ाकर समस्या को कम किया जा सकता है। -संदीप, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग रोहतक
दोनों प्रोजेक्ट ऐसे करते हैं काम
भूमि संरक्षण अधिकारी सोमबीर ग्रेवाल ने बताया कि वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट में समर्सिबल पंप का उपयोग कर पानी को सोलर प्लेट की मदद से निकाला जाता है। सरफेस ड्रेनेज प्रोजेक्ट में 50 से 100 एकड़ क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाई जाती है। इनमें जल स्वयं जाता रहता है। इसके बाद इस पानी को एक जगह इकट्ठा कर ड्रेन में डाल दिया जाता है।
सेम की समस्या की वजह से कड़वा पानी आता है। इस पानी को शौचालय में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। आसपास के गांव में भी यही समस्या है। -सुधीर, रैनकपुरा
सेम की समस्या के कारण खराब पानी आ रहा है। इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। -नवीन, भगवतीपुर, रोहतक

17- सुधीर, रैनकपुरा, रोहतक