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Rohtak News: छिपाने से बढ़ता है टीबी का खतरा, शुरुआत में ही उपचार से बचाव संभव
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29-डॉ. अरुणा अंचल, प्रोफेसर बाबा मस्तनाथ विवि
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रोहतक। टीबी का खतरा छिपाने से बढ़ता है। शुरुआत में ही उपचार कराने से बचाव संभव है इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही उपचार कराना आपके साथ दूसरों को भी सुरक्षित करता है। इसका सीधा कनेक्शन इम्युनिटी से होता है। इम्युनिटी जितनी मजबूत होगी, टीबी आपसे उतनी दूर रहेगी।
खान-पान में पोषणयुक्त भोजन व दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियां शामिल करने से बचाव संभव है। यह कहना है जिला टीबी अस्पताल की सेवानिवृत्त प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. इंदु सिंह का। वह सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला कार्यालय में टीबी दिवस पर आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में संबोधित कर रही थीं।
अब एक ही गोली से हो रहा टीबी का इलाज
टीबी के उपचार में अब चार तरह की दवाई के स्थान पर एक ही गोली से इलाज हो रहा है। सीबीनेट मशीन से मरीज की जांच दो घंटे में हो जाती है। एक मशीन 16 मरीजों को रिपोर्ट देने की क्षमता रखती है। टू नेट मशीन दो घंटे में दो रिपोर्ट देती है। सिविल अस्पताल में टीबी जांच के लिए चार मॉड्यूल मशीनें हैं। ये दो घंटे में चार रिपोर्ट देती हैं। सीएचसी लेवल तक इन मशीनों को लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में सालाना 6000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें दूसरे जिलों से आए मरीज भी शामिल हैं। इनमें से 90 प्रतिशत लोग दोबारा दवा लेने नहीं आते हैं।
- डॉ. इंदु सिंह, सेवानिवृत डिप्टी सिविल सर्जन रोहतक
क्या ठीक होने के बाद भी टीबी मरीज को जांच की आवश्यकता होती है?
उपचार के बाद दो साल तक टीबी मरीज को हर छह माह में नियमित जांच करानी चाहिए। दोबारा इंफेक्शन होने की आशंका रहती है। समय पर जांच से अपने साथ दूसराें को भी सुरक्षित रखें।
- डॉ. अरुणा अंचल, प्रोफेसर, बाबा मस्तनाथ विवि
क्या प्रदूषण भी टीबी का कारण है?
धूम्रपान करने वाले को सीओपीडी के कारण टीबी हो जाती है। इसमें खांसी होने लगती है। ऐसे में पर्यावरण बदलने से फिर स्वास्थ्य सामान्य हो जाता है। खांसी आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है।
- ममता रानी, पूर्व पार्षद
इम्युनिटी को सही कैसे रख सकते हैं?
खान-पान व दिनचर्या को बदलकर इम्युनिटी को सही किया जा सकता है। भोजन में हाई फाइबर डाइट, विटामिन व प्रोटीनयुक्त डाइट शामिल करें। रोजाना व्यायाम करने से मजबूती मिलती है।
- डॉ. सीमा, सहायक प्रोफेसर, बाबा मस्तनाथ विवि
टीबी मरीजों के लिए सरकार की तरफ से क्या सहायता दी जाती है?
सरकार की ओर से निक्षय पोर्टल पर रजिस्टर्ड मरीजाें के लिए हर माह 1000 रुपये तक पोषण के लिए दिए जाते हैं। इसके लिए कई लोग मरीजों को गोद भी ले लेते हैं।
- अंशु मलिका, रिसर्च स्काॅलर, बाबा मस्तनाथ विवि
कितने समय में आराम हो जाता है?
टीबी के लिए पहले कई दवाइयां लेनी पड़ती थीं। अब केवल एक दवाई से इलाज संभव हो गया है। दो माह में बदलाव महसूस होने लगता है। छह माह बाद सुधार होना शुरू हो जाता है।
- कंचन, सफाईकर्मी
टीबी से महिला व पुरुष में किसको खतरा ज्यादा रहता है?
महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले इम्युनिटी मजबूत होती है। यह महिलाओं को प्राकृतिक रूप से ही मिला है, इसलिए इनको खतरा कम होता है।
- मीनाक्षी यादव, शोधार्थी
कैसे फैलती है टीबी?
टीबी हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। टीबी छूने से नहीं, यह खांसने, छींकने या सांस छोड़ने से फैलती है। एक टीबी मरीज साल में करीब 20 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
- साक्षी, छात्रा एमडीयू
टीबी होने के क्या लक्षण हो सकते हैं?
लगातार बुखार रहना, 15 दिन से ज्यादा दिन तक खांसी व बलगम आना, सीने में दर्द, वजन कम होना व कमजोरी महसूस होना, इसके मुख्य लक्षण हैं। इन लक्षणों के दिखने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
- मनीषा, छात्रा, देव कॉलोनी।
टीबी से बचाव के लिए क्या नई तकनीकें अपनाई जा रही हैं?
परिवार में किसी को टीबी होने पर अन्य लोगों को भी टीबी प्रीवेंटिव थेरेपी के लिए बुलाया जाता है। इसमें उम्र के हिसाब से इलाज किया जाता है। टीबी के लक्षण होने पर बलगम व एक्स-रे जांच के बाद ही दवाई दी जाती है।
- वंदना, नर्स, पीजीआई
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खान-पान में पोषणयुक्त भोजन व दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियां शामिल करने से बचाव संभव है। यह कहना है जिला टीबी अस्पताल की सेवानिवृत्त प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. इंदु सिंह का। वह सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला कार्यालय में टीबी दिवस पर आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में संबोधित कर रही थीं।
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अब एक ही गोली से हो रहा टीबी का इलाज
टीबी के उपचार में अब चार तरह की दवाई के स्थान पर एक ही गोली से इलाज हो रहा है। सीबीनेट मशीन से मरीज की जांच दो घंटे में हो जाती है। एक मशीन 16 मरीजों को रिपोर्ट देने की क्षमता रखती है। टू नेट मशीन दो घंटे में दो रिपोर्ट देती है। सिविल अस्पताल में टीबी जांच के लिए चार मॉड्यूल मशीनें हैं। ये दो घंटे में चार रिपोर्ट देती हैं। सीएचसी लेवल तक इन मशीनों को लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में सालाना 6000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें दूसरे जिलों से आए मरीज भी शामिल हैं। इनमें से 90 प्रतिशत लोग दोबारा दवा लेने नहीं आते हैं।
- डॉ. इंदु सिंह, सेवानिवृत डिप्टी सिविल सर्जन रोहतक
क्या ठीक होने के बाद भी टीबी मरीज को जांच की आवश्यकता होती है?
उपचार के बाद दो साल तक टीबी मरीज को हर छह माह में नियमित जांच करानी चाहिए। दोबारा इंफेक्शन होने की आशंका रहती है। समय पर जांच से अपने साथ दूसराें को भी सुरक्षित रखें।
- डॉ. अरुणा अंचल, प्रोफेसर, बाबा मस्तनाथ विवि
क्या प्रदूषण भी टीबी का कारण है?
धूम्रपान करने वाले को सीओपीडी के कारण टीबी हो जाती है। इसमें खांसी होने लगती है। ऐसे में पर्यावरण बदलने से फिर स्वास्थ्य सामान्य हो जाता है। खांसी आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है।
- ममता रानी, पूर्व पार्षद
इम्युनिटी को सही कैसे रख सकते हैं?
खान-पान व दिनचर्या को बदलकर इम्युनिटी को सही किया जा सकता है। भोजन में हाई फाइबर डाइट, विटामिन व प्रोटीनयुक्त डाइट शामिल करें। रोजाना व्यायाम करने से मजबूती मिलती है।
- डॉ. सीमा, सहायक प्रोफेसर, बाबा मस्तनाथ विवि
टीबी मरीजों के लिए सरकार की तरफ से क्या सहायता दी जाती है?
सरकार की ओर से निक्षय पोर्टल पर रजिस्टर्ड मरीजाें के लिए हर माह 1000 रुपये तक पोषण के लिए दिए जाते हैं। इसके लिए कई लोग मरीजों को गोद भी ले लेते हैं।
- अंशु मलिका, रिसर्च स्काॅलर, बाबा मस्तनाथ विवि
कितने समय में आराम हो जाता है?
टीबी के लिए पहले कई दवाइयां लेनी पड़ती थीं। अब केवल एक दवाई से इलाज संभव हो गया है। दो माह में बदलाव महसूस होने लगता है। छह माह बाद सुधार होना शुरू हो जाता है।
- कंचन, सफाईकर्मी
टीबी से महिला व पुरुष में किसको खतरा ज्यादा रहता है?
महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले इम्युनिटी मजबूत होती है। यह महिलाओं को प्राकृतिक रूप से ही मिला है, इसलिए इनको खतरा कम होता है।
- मीनाक्षी यादव, शोधार्थी
कैसे फैलती है टीबी?
टीबी हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। टीबी छूने से नहीं, यह खांसने, छींकने या सांस छोड़ने से फैलती है। एक टीबी मरीज साल में करीब 20 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
- साक्षी, छात्रा एमडीयू
टीबी होने के क्या लक्षण हो सकते हैं?
लगातार बुखार रहना, 15 दिन से ज्यादा दिन तक खांसी व बलगम आना, सीने में दर्द, वजन कम होना व कमजोरी महसूस होना, इसके मुख्य लक्षण हैं। इन लक्षणों के दिखने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
- मनीषा, छात्रा, देव कॉलोनी।
टीबी से बचाव के लिए क्या नई तकनीकें अपनाई जा रही हैं?
परिवार में किसी को टीबी होने पर अन्य लोगों को भी टीबी प्रीवेंटिव थेरेपी के लिए बुलाया जाता है। इसमें उम्र के हिसाब से इलाज किया जाता है। टीबी के लक्षण होने पर बलगम व एक्स-रे जांच के बाद ही दवाई दी जाती है।
- वंदना, नर्स, पीजीआई

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