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Rohtak: सिविल अस्पताल में महिला कर्मचारी ने खाया जहर, 3 डॉक्टरों व अन्य पर प्रताड़ना का आरोप; सुसाइड नोट बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 02 May 2026 09:46 PM IST
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सार
सिविल अस्पताल रोहतक में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही एक महिला कर्मचारी ने शनिवार को अस्पताल प्रशासन की प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड करने का प्रयास किया।
पीड़ित महिला कर्मचारी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रोहतक जिले के नागरिक अस्पताल में शनिवार दोपहर ड्यूटी के दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर रेखा ने ड्यूटी स्थल बदलने के विवाद में जहरीला पदार्थ निगल लिया। महिला को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया है। महिला ने जहर निगलने से पहले सुसाइड नोट लिखकर डॉ. हेमंत, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. मधुलिका समेत सात लोगों पर परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
झज्जर जिले की छोछी निवासी रेखा ने एक सुसाइड नोट में लिखा कि वह डिस्पेंसरी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही है। आरोप है कि नोडल इंचार्ज और सुपरवाइजर अमित उन्हें परेशान कर रहे हैं। इस कारण उन्हें आत्महत्या करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। अगर मुझे कुछ हो जाता है तो सिविल अस्पताल प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा।
हना हैपीजीआई से परिजन रेखा को निजी अस्पताल ले गए। वहां उनका इलाज करवाया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य का क कि जिला स्तरीय कमेटी बनाकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। अभी वह खतरे से बाहर हैं।
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झज्जर जिले की छोछी निवासी रेखा ने एक सुसाइड नोट में लिखा कि वह डिस्पेंसरी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही है। आरोप है कि नोडल इंचार्ज और सुपरवाइजर अमित उन्हें परेशान कर रहे हैं। इस कारण उन्हें आत्महत्या करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। अगर मुझे कुछ हो जाता है तो सिविल अस्पताल प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा।
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हना हैपीजीआई से परिजन रेखा को निजी अस्पताल ले गए। वहां उनका इलाज करवाया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य का क कि जिला स्तरीय कमेटी बनाकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। अभी वह खतरे से बाहर हैं।
महिला ने सुसाइड नोट में लगाए ये आरोप
रेखा ने सुपरवाइजर अमित, संदीप, जतिन, नोडल इंचार्ज सन्नी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को उन्हें आयुष्मान में ड्यूटी करने के लिए कहा गया था। वह दो मई को जब आयुष्मान में ड्यूटी पर आईं तो डॉ. हेमंत ने दोपहर 12 बजे कहा कि आपकी ड्यूटी रात में है। अब रात में ही आना होगा। इस पर महिला ने कहा वह घर संभालने वाली अकेली महिला है और उसे करीब 35 किलोमीटर दूर से आना पड़ता है। घर में बच्चा भी छोटा है। उसकी देखभाल करनी होती है। इस कारण नाइट ड्यूटी पर नहीं आ सकती। सिविल अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र व डॉ. मधुलिका से भी गुहार लगाई थी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
सुपरवाइजर पर धमकाने के आरोप
रेखा ने सुसाइड नोट में सुपरवाइजर अमित पर धमकाने के आरोप लगाए हैं। लिखा कि सुपरवाइजर बोलते थे कि अगर नाइट ड्यूटी नहीं करोगी तो तुम्हारी हाजिरी नहीं लगेगी। नोडल इंचार्ज सन्नी और सुपरवाइजर अमित छुट्टी देने से भी इन्कार करते थे।
समस्या को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। फिर भी यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ. मधुलिका, सीनियर डॉक्टर, नागरिक अस्पताल
जिलास्तरीय कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके आधार पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेखा सही सलामत है। - डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन रोहतक
रेखा ने सुपरवाइजर अमित, संदीप, जतिन, नोडल इंचार्ज सन्नी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को उन्हें आयुष्मान में ड्यूटी करने के लिए कहा गया था। वह दो मई को जब आयुष्मान में ड्यूटी पर आईं तो डॉ. हेमंत ने दोपहर 12 बजे कहा कि आपकी ड्यूटी रात में है। अब रात में ही आना होगा। इस पर महिला ने कहा वह घर संभालने वाली अकेली महिला है और उसे करीब 35 किलोमीटर दूर से आना पड़ता है। घर में बच्चा भी छोटा है। उसकी देखभाल करनी होती है। इस कारण नाइट ड्यूटी पर नहीं आ सकती। सिविल अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र व डॉ. मधुलिका से भी गुहार लगाई थी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
सुपरवाइजर पर धमकाने के आरोप
रेखा ने सुसाइड नोट में सुपरवाइजर अमित पर धमकाने के आरोप लगाए हैं। लिखा कि सुपरवाइजर बोलते थे कि अगर नाइट ड्यूटी नहीं करोगी तो तुम्हारी हाजिरी नहीं लगेगी। नोडल इंचार्ज सन्नी और सुपरवाइजर अमित छुट्टी देने से भी इन्कार करते थे।
समस्या को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। फिर भी यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ. मधुलिका, सीनियर डॉक्टर, नागरिक अस्पताल
जिलास्तरीय कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके आधार पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेखा सही सलामत है। - डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन रोहतक
