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Rohtak News: फ्लैट के नाम पर जींद के युवक से 20 लाख की धोखाधड़ी
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रोहतक। शहर के सेक्टर-27ए स्थित डीएचएल के न्यू टाउन में फ्लैट के नाम पर बिल्डर ने जींद जिले के गांव काकड़ौद और हाल में सनसिटी के सेक्टर-34 निवासी अनिल कुमार से 20 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर आईएमटी थाने में आरोपी दिल्ली स्थित पश्चिम विहार निवासी सुभाष गुप्ता व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया कि वे फरवरी 2022 में शहर के डीएचएल न्यू टाउन सेक्टर-27 ए फ्लैट देखने गए। वहां पर मैनेजर गुरविंद्र सिंह ने फ्लैट नंबर 5ए का डेमो दिखाया। दोनों के बीच 52 लाख रुपये में सौदा हुआ। उसे विश्वास दिलाया गया कि अगस्त 2022 तक फ्लैट तैयार कर कब्जा दे दिया जाएगा।
उसने फरवरी 2024 में 20 लाख रुपये का भुगतान चेक और नकद किया। इसकी उसके पास रसीद हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने यह राशि दो प्रतिशत ब्याज पर उधार लेकर व अपनी एकत्रित जमा पूंजी से दी थी। उसे समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया। कभी कोर्ट की स्टे तो कभी दूसरा बहाना बताया गया।
आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए 5 महीने तक 15,000 रुपये प्रतिमाह किराया दिया। बाद में वह भी बंद कर दिया। उसे अब पता चला है कि जिस जमीन पर आरोपी फ्लैट बनाकर बेचने का दावा कर रहे हैं, वह जमीन कानूनी तौर पर उनके नाम पर नहीं है। आरोपियों ने साजिश के तहत फजीवाड़ा किया है। इससे वे पिछले चार साल से मानसिक तनाव में हैं।
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पुलिस को दी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया कि वे फरवरी 2022 में शहर के डीएचएल न्यू टाउन सेक्टर-27 ए फ्लैट देखने गए। वहां पर मैनेजर गुरविंद्र सिंह ने फ्लैट नंबर 5ए का डेमो दिखाया। दोनों के बीच 52 लाख रुपये में सौदा हुआ। उसे विश्वास दिलाया गया कि अगस्त 2022 तक फ्लैट तैयार कर कब्जा दे दिया जाएगा।
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उसने फरवरी 2024 में 20 लाख रुपये का भुगतान चेक और नकद किया। इसकी उसके पास रसीद हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने यह राशि दो प्रतिशत ब्याज पर उधार लेकर व अपनी एकत्रित जमा पूंजी से दी थी। उसे समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया। कभी कोर्ट की स्टे तो कभी दूसरा बहाना बताया गया।
आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए 5 महीने तक 15,000 रुपये प्रतिमाह किराया दिया। बाद में वह भी बंद कर दिया। उसे अब पता चला है कि जिस जमीन पर आरोपी फ्लैट बनाकर बेचने का दावा कर रहे हैं, वह जमीन कानूनी तौर पर उनके नाम पर नहीं है। आरोपियों ने साजिश के तहत फजीवाड़ा किया है। इससे वे पिछले चार साल से मानसिक तनाव में हैं।