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Rohtak News: एमडीयू के थीसिस रूम में एक महीने से एयर कंडीशनर बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 12 Jun 2026 07:19 PM IST
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03-महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की विवेकानंद लाइब्रेरी स्थित थीसिस रूम में बंद पड़े एसी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की विवेकानंद लाइब्रेरी स्थित थीसिस रूम में पिछले एक महीने से एयर कंडीशनर बंद पड़े हैं। जून की भीषण गर्मी के बीच शोधार्थियों को बिना एसी के घंटों बैठकर अध्ययन और शोध कार्य करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई शोधार्थियों ने गर्मी के कारण थीसिस रूम में आना कम कर दिया है।
थीसिस रूम शोधार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र माना जाता है। यहां विभिन्न विषयों के पुराने शोध प्रबंध उपलब्ध हैं जिनका अध्ययन कर शोधार्थी शोध कार्य को आगे बढ़ाते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां पहुंचते हैं लेकिन एसी बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शोधार्थी अमन का कहना है कि दोपहर में कमरे में गर्मी काफी बढ़ जाती है। लंबे समय तक बैठकर अध्ययन करना दूभर हो जाता है। कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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शोधार्थी पूजा ने बताया कि शोध एकाग्रता और लंबे समय तक अध्ययन की मांग करता है। गर्मी के कारण न केवल कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है बल्कि शोध कार्य की गति भी धीमी पड़ रही है। कुछ शोधार्थियों ने वैकल्पिक स्थानों पर अध्ययन करना शुरू कर दिया है। शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से थीसिस रूम के एसी जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की विवेकानंद लाइब्रेरी स्थित थीसिस रूम में पिछले एक महीने से एयर कंडीशनर बंद पड़े हैं। जून की भीषण गर्मी के बीच शोधार्थियों को बिना एसी के घंटों बैठकर अध्ययन और शोध कार्य करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई शोधार्थियों ने गर्मी के कारण थीसिस रूम में आना कम कर दिया है।
थीसिस रूम शोधार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र माना जाता है। यहां विभिन्न विषयों के पुराने शोध प्रबंध उपलब्ध हैं जिनका अध्ययन कर शोधार्थी शोध कार्य को आगे बढ़ाते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां पहुंचते हैं लेकिन एसी बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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शोधार्थी अमन का कहना है कि दोपहर में कमरे में गर्मी काफी बढ़ जाती है। लंबे समय तक बैठकर अध्ययन करना दूभर हो जाता है। कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
शोधार्थी पूजा ने बताया कि शोध एकाग्रता और लंबे समय तक अध्ययन की मांग करता है। गर्मी के कारण न केवल कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है बल्कि शोध कार्य की गति भी धीमी पड़ रही है। कुछ शोधार्थियों ने वैकल्पिक स्थानों पर अध्ययन करना शुरू कर दिया है। शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से थीसिस रूम के एसी जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।