कार की किस्त ने बनाया भाऊ गैंगस्टर: खौफ में विरोधी गैंग की जमीन बनी बंजर; मां भी छोड़ गई गांव, बहन शादीशुदा
भाऊ के पिता कृष्ण सहित चार भाई हैं। उनकी बीमारी के कारण मौत हो गई थी। भाऊ की बहन की शादी हो चुकी है। केवल घर में मां भगवानी रहती थी जो पहले कभी-कभी आ जाती थी। अब उन्होंने भी आना बंद कर दिया। घर पर ताला लटका है।
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एक कार की किस्त ने 17 साल के हिमांशु उर्फ भाऊ को प्रदेश का सबसे बड़ा गैंगस्टर बना दिया। अमेरिका में गिरफ्तार रिटौली गांव के भाऊ पर 2.50 लाख रुपये हरियाणा पुलिस तो 1 लाख रुपये दिल्ली पुलिस ने भाऊ पर ईनाम घोषित कर रखा है। भाऊ की गिरफ्तारी के बाद गांव में खामोशी का माहौल है। ग्रामीण दबी जुबान में ही भाऊ को लेकर बात कर रहे हैं कोई खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। कहते हैं कि यहां तो एक गैंग के परिवार से राम-राम तक करने पर दूसरी गैंग विरोधी मान लेती है।
भाऊ की गिरफ्तारी के बाद मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर रोहतक-बेरी रोड पर स्थित गांव रिटौली में हर रोज की तरह सामान्य दिन रहा। सड़क किनारे कुछ लोग हुक्का गुड़गड़ाते दिखा तो कोई हर रोज की दिनचर्या में व्यस्त रहा। ग्रामीणों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि गांव में चार पाने चौथिया, चुड़के व लगाड़ व गिरावड़ियां हैं।
हिमांशु उर्फ भाऊ चौथ तो अंकित उर्फ बाबा व सन्नी रिटौलिया चुड़के पाने से है। छह साल पहले गांव निवासी हंसराज की बस रोहतक से बेरी के बीच में चलती थी। हंसराज ने सन्नी के पिता जोगेंद्र की जमीन के कागजात देकर खरीदी थी। इस कार को भाऊ के परिवार का एक युवक चलाता था। ताकि हंसराज की बस के आगे की सवारी कोई ऑटो या दूसरी गाड़ी वाला न ले जाए।
कार की किस्त भरने को लेकर विवाद हो गया। तय हुआ कि जो युवक कार चलाता है वह किस्त जमा करवा देगा। इसके बावजूद पंचायत के दो दिन बाद सन्नी व भाऊ के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि भाऊ ने फायर कर दिया और गोली सन्नी के हाथ में लगी। बाकी युवकों ने जोहड़ में कूदकर जान बचाई। नाबालिग होने के कारण भाऊ को हिसार की बोस्टल जेल भेज दिया गया।
दो साल बाद 2020 में हिमांशु उर्फ भाऊ अपने साथियों सहित जेल से भाग गया और अब तक पुलिस के हाथ नहीं आया। 2023 में पुलिस को जांच में पता चला कि भाऊ 2022 में ही गाजियाबाद के फर्जी पत्ते पर विदेश भाग गया है। पहले पुर्तगाल गया और वहां से अमेरिका पहुंच गया। अब अमेरिका में उसके पकड़े जाने की सूचना है।
भाऊ के पकड़ में आने पर भी डर के साये में ग्रामीण
एक ग्रामीण ने बताया कि अब तो भाऊ अमेरिका में बैठकर गैंग चला रहा था। अब देश में वापस आने पर उसे जेल में डाला जाएगा। ग्रामीणों को डर है कि जेल से भी गैंगस्टर गैंग चलाते हैं और ज्यादा स्थानीय युवक भाऊ के संपर्क में आएंगे।
जमीन तक बंजर हो गई विरोधी गैंग की
भाऊ व अंकित उर्फ बाबा गैंग के बीच दुश्मनी काफी पुरानी है। ग्रामीण बताते हैं कि अंकित के परिवार के पास छह एकड़ के करीब जमीन है। भाऊ गैंग के डर से कोई दूसरा व्यक्ति जमीन ठेके पर नहीं लेता। एक साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने जमीन ठेके पर ली लेकिन धमकी मिलने पर छोड़नी पड़ी। पिछले साल बालंद गांव के युवक ने जमीन ठेके पर ली थी। उसने भी बीच में ही ठेका छोड़ दिया। सिंचाई न होने के कारण धान की फसल तक सूख गई। हालांकि अंकित का भाई सन्नी ने शराब का ठेका ले रखा है।
अब मां ने भी आना बंद कर दिया गांव में, लटका है ताला
भाऊ के पिता कृष्ण सहित चार भाई हैं। उनकी बीमारी के कारण मौत हो गई थी। भाऊ की बहन की शादी हो चुकी है। केवल घर में मां भगवानी रहती थी जो पहले कभी-कभी आ जाती थी। अब उन्होंने भी आना बंद कर दिया। घर पर ताला लटका है। भाऊ के तीन चाचा-ताऊ में एक रिटायर्ड फौजी हैं तो एक श्रीओम घर रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। भाऊ के परिवार के पास ज्यादा जमीन नहीं है।
हिमांशु उर्फ भाऊ रोहतक पुलिस का ढाई लाख का ईनामी बदमाश है। मीडिया के माध्यम से पता चला है कि उसे अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ 64 केस दर्ज हैं। भाऊ गैंग ज्यादातर रोहतक, झज्जर, सोनीपत व दिल्ली एनसीआर में सक्रिय रहती है। आधिकारिक तौर पर भाऊ की गिरफ्तारी की सूचना का इंतजार है। -गौरव राजपुरोहित, एसपी रोहतक।