{"_id":"6994cb08c9883d59b60a9070","slug":"marfan-syndrome-may-be-caused-by-a-gene-defect-rohtak-news-c-17-roh1019-812059-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जीन में खराबी के कारण हो सकते हैं मार्फन सिंड्रोम के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जीन में खराबी के कारण हो सकते हैं मार्फन सिंड्रोम के शिकार
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। सिंड्रोम वह दोष है जिसमें हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े व अन्य अंग शामिल होते हैं। यह अधिकतर बच्चों में देखने को मिलती है। मार्फन सिंड्रोम एक अन्य आनुवंशिक स्थिति है जो उस जीन में खराबी के कारण होती है।
पीडियाट्रिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहित कपूर ने बताया कि नागरिक अस्पताल में हर साल एक मरीज ही इससे पीड़ित पहुंचता है। फिर भी इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। पीजीआई के चिकित्सक डॉ. अनूभा ने बताया कि एक शिशु 46 क्रोमोसोम के साथ जन्म लेता है इनमें 23 माता से व 23 पिता से मिलते हैं। सिंड्रोम की स्थिति तब पैदा होती है जब बच्चे के शरीर में ये क्रोमोसोम किसी कारण प्रभावित होेते हैं तो इसकी समस्या आती है।
-- -
कारण....
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनदीप ने बताया कि 35 से अधिक उम्र की महिलाओं व 40 से अधिक के पुरुषों में आनुवंशिक म्यूटेशन का खतरा अधिक होता है। गर्भावस्था में पोषण की कमी, शराब, सिगरेट का सेवन और आनुवंशिक गड़बड़ी पैदा कर सकता है। यदि परिवार में पहले से ऐसे मामले हों तो इसकी काउंसिलिंग जरूरी है। यह 75 प्रतिशत आनुवंशिक रूप से होती है व 25 प्रतिशत स्वयं होती है।
लक्षण और पहचान...
मार्फन सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति अक्सर असामान्य रूप से लंबे और पतले होते हैं। हृदय की महाधमनी का बढ़ना, नेत्र के लेंस में खराबी या रेटिना का खराब होना, जोड़ों में दर्द या अधिक लचीलापन, सीने की हड्डी का अंदर या बाहर की ओर होना इसके मुख्य लक्षण हैं।
-- -- -- -- -- --
बचाव के उपाय...
25 से 30 साल की उम्र संतान प्लानिंग के लिए सबसे उचित मानी जाती है। गर्भावस्था से पहले हेल्थ चेकअप व फोलिक एसिड के सेवन से खतरों को कम किया जा सकता है। इसके अलावा समय पर ही हृदय, नेत्र व हडि्डयों की नियमित जांच आवश्यक है। इसमें चिकित्सक की सलाह से ही दवाइयां लेनी चाहिए। भारी वजन उठाने से बचें।
Trending Videos
पीडियाट्रिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहित कपूर ने बताया कि नागरिक अस्पताल में हर साल एक मरीज ही इससे पीड़ित पहुंचता है। फिर भी इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। पीजीआई के चिकित्सक डॉ. अनूभा ने बताया कि एक शिशु 46 क्रोमोसोम के साथ जन्म लेता है इनमें 23 माता से व 23 पिता से मिलते हैं। सिंड्रोम की स्थिति तब पैदा होती है जब बच्चे के शरीर में ये क्रोमोसोम किसी कारण प्रभावित होेते हैं तो इसकी समस्या आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कारण....
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनदीप ने बताया कि 35 से अधिक उम्र की महिलाओं व 40 से अधिक के पुरुषों में आनुवंशिक म्यूटेशन का खतरा अधिक होता है। गर्भावस्था में पोषण की कमी, शराब, सिगरेट का सेवन और आनुवंशिक गड़बड़ी पैदा कर सकता है। यदि परिवार में पहले से ऐसे मामले हों तो इसकी काउंसिलिंग जरूरी है। यह 75 प्रतिशत आनुवंशिक रूप से होती है व 25 प्रतिशत स्वयं होती है।
लक्षण और पहचान...
मार्फन सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति अक्सर असामान्य रूप से लंबे और पतले होते हैं। हृदय की महाधमनी का बढ़ना, नेत्र के लेंस में खराबी या रेटिना का खराब होना, जोड़ों में दर्द या अधिक लचीलापन, सीने की हड्डी का अंदर या बाहर की ओर होना इसके मुख्य लक्षण हैं।
बचाव के उपाय...
25 से 30 साल की उम्र संतान प्लानिंग के लिए सबसे उचित मानी जाती है। गर्भावस्था से पहले हेल्थ चेकअप व फोलिक एसिड के सेवन से खतरों को कम किया जा सकता है। इसके अलावा समय पर ही हृदय, नेत्र व हडि्डयों की नियमित जांच आवश्यक है। इसमें चिकित्सक की सलाह से ही दवाइयां लेनी चाहिए। भारी वजन उठाने से बचें।