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Rohtak News: फरमाना की निर्माणाधीन चौपाल सवालों में घिरी, शिलान्यास से ठीक पहले बदली शिलान्यास पट्टिका
Wed, 08 Jul 2026 05:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 08 Jul 2026 05:48 AM IST
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फरमान गांव में चौपाल के शिलान्यास से पहले सर्व बैकवर्ड समाज की पट्टिका दिखाता युवक। स्रोत शिकाय
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महम। फरमाना में जोगी समाज के नाम पर बनाई जा रही चौपाल का विवाद गहराता जा रहा है। गांव में बड़े स्तर पर बनाई जा रही चौपाल का मुद्दा सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के सामने ग्रीवेंस कमेटी में भी उठाया जा चुका है।
पूर्व सरपंच सत्येंद्र सहारण का कहना है कि एक साजिश के तहत पूरे गांव की डेढ़ एकड़ जमीन एक जाति विशेष के हवाले करने का षड्यंत्र है। इसे किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व सरपंच ने कहा कि पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने शिलान्यास से पहले चौपाल को बैकवर्ड सर्व समाज की होने की बात कही।
बैकवर्ड सर्व समाज के नाम की शिलान्यास पट्टिका तैयार की गई। सही समय पर एक समाज की शिलान्यास पट्टिका लगाकर पूरे गांव की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया। गांव में बंजर भूमि भी उपलब्ध है इसके बावजूद उपजाऊ भूमि पर यह बनाई जा रही है।
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डेढ़ एकड़ में नहीं 6 कनाल में बनाई जा रही चौपाल : सोमबीरसरपंच सोमबीर पवार ने कहा कि यह चौपाल डेढ़ एकड़ में न होकर 6 कनाल में बनाई जा रही है। जमीन पंचायत के नाम ही है तथा पंचायत के नाम पर ही रहेगी। इसको पूरे गांव के लोग प्रयोग कर सकेंगे। शिकायतकर्ता को नाम पर नहीं जाना चाहिए। चौपाल पर लगभग दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। जोगी समाज ने अभी तक अपने स्तर पर चंदा एकत्रित किया है। दूसरा समाज भी अगर चंदा देना चाहे तो उनका स्वागत है। सरकार द्वारा 65 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। ग्रामीणों ने मांग की थी कि जो पहले जोगी समाज की चौपाल है वह मात्र सो वर्गगज में बनी हुई है तथा गली तंग है। आजकल कार्यक्रम में गाड़ियां ज्यादा आती हैं। नई चौपाल बाहर व खुली जगह होने के कारण वहां पर सुविधा होगी। इसलिए ग्रामीणों के आग्रह पर पंचायत ने प्रस्ताव पास किया है। गांव में 2500 के लगभग जोगी समाज की जनसंख्या है। ऐसे में उनके भी अपने अधिकार हैं।
सर्वसमाज के नाम पर हो गया था एतराज
जोगी समाज के लोगों का कहना है कि अगर सर्वसमाज का नाम लिखा तो इसका शिलान्यास नहीं कराएंगे। सरपंच का कहना है कि पहले सर्वसमाज के नाम की ही सहमति बनी थी लेकिन बाद में जोगी समाज के लोगों ने सर्वसमाज के नाम नाराजगी जताते हुए शिलान्यास कराने से मना कर दिया। इसके बाद पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा व पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने जोगी समाज के नाम पर सहमति दे दी थी।
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पूर्व सरपंच सत्येंद्र सहारण का कहना है कि एक साजिश के तहत पूरे गांव की डेढ़ एकड़ जमीन एक जाति विशेष के हवाले करने का षड्यंत्र है। इसे किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व सरपंच ने कहा कि पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने शिलान्यास से पहले चौपाल को बैकवर्ड सर्व समाज की होने की बात कही।
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बैकवर्ड सर्व समाज के नाम की शिलान्यास पट्टिका तैयार की गई। सही समय पर एक समाज की शिलान्यास पट्टिका लगाकर पूरे गांव की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया। गांव में बंजर भूमि भी उपलब्ध है इसके बावजूद उपजाऊ भूमि पर यह बनाई जा रही है।
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डेढ़ एकड़ में नहीं 6 कनाल में बनाई जा रही चौपाल : सोमबीरसरपंच सोमबीर पवार ने कहा कि यह चौपाल डेढ़ एकड़ में न होकर 6 कनाल में बनाई जा रही है। जमीन पंचायत के नाम ही है तथा पंचायत के नाम पर ही रहेगी। इसको पूरे गांव के लोग प्रयोग कर सकेंगे। शिकायतकर्ता को नाम पर नहीं जाना चाहिए। चौपाल पर लगभग दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। जोगी समाज ने अभी तक अपने स्तर पर चंदा एकत्रित किया है। दूसरा समाज भी अगर चंदा देना चाहे तो उनका स्वागत है। सरकार द्वारा 65 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। ग्रामीणों ने मांग की थी कि जो पहले जोगी समाज की चौपाल है वह मात्र सो वर्गगज में बनी हुई है तथा गली तंग है। आजकल कार्यक्रम में गाड़ियां ज्यादा आती हैं। नई चौपाल बाहर व खुली जगह होने के कारण वहां पर सुविधा होगी। इसलिए ग्रामीणों के आग्रह पर पंचायत ने प्रस्ताव पास किया है। गांव में 2500 के लगभग जोगी समाज की जनसंख्या है। ऐसे में उनके भी अपने अधिकार हैं।
सर्वसमाज के नाम पर हो गया था एतराज
जोगी समाज के लोगों का कहना है कि अगर सर्वसमाज का नाम लिखा तो इसका शिलान्यास नहीं कराएंगे। सरपंच का कहना है कि पहले सर्वसमाज के नाम की ही सहमति बनी थी लेकिन बाद में जोगी समाज के लोगों ने सर्वसमाज के नाम नाराजगी जताते हुए शिलान्यास कराने से मना कर दिया। इसके बाद पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा व पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने जोगी समाज के नाम पर सहमति दे दी थी।

फरमान गांव में चौपाल के शिलान्यास से पहले सर्व बैकवर्ड समाज की पट्टिका दिखाता युवक। स्रोत शिकाय