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Rohtak News: आरटीई के तहत दाखिला ने हीं मिलने पर डीईओ कार्यालय पहुंचकर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत दाखिला न मिलने से परेशान अभिभावक मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और रोष जताया। अभिभावकों का आरोप है कि दो महीने से बच्चों के दाखिले के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अधिकारी मिलते ही नहीं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावक संघ के प्रधान जसवंत मलिक ने बताया कि विभाग ने पहले दाखिले के लिए केवल चार दिन के लिए पोर्टल खोला था। इसमें भी कई बच्चों को 15 किलोमीटर दूर के स्कूल अलॉट कर दिए गए। अब पोर्टल बंद होने से 25 से अधिक बच्चे दाखिले से वंचित हैं।
उनका कहना है कि बार-बार मांग कर रहे हैं कि दाखिला पोर्टल दोबारा खोला जाए। अभिभावक अलका ने आरोप लगाया कि दो महीने लघु सचिवालय के चक्कर काटते हो गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकारी पार्टी करते हैं।
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मंगलवार को मिलने गए तो यह कहकर टरका दिया कि मीटिंग चल रही है। कभी कोई अधिकारी सीट पर नहीं मिलता। अभिभावक भूमिका ने कहा कि हम जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला उपायुक्त और मंडल आयुक्त को लिखित शिकायत दे चुके हैं।
शिक्षा निदेशालय मुख्यालय में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। बच्चे घर बैठने को मजबूर हैं जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है।
रोहतक। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत दाखिला न मिलने से परेशान अभिभावक मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और रोष जताया। अभिभावकों का आरोप है कि दो महीने से बच्चों के दाखिले के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अधिकारी मिलते ही नहीं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावक संघ के प्रधान जसवंत मलिक ने बताया कि विभाग ने पहले दाखिले के लिए केवल चार दिन के लिए पोर्टल खोला था। इसमें भी कई बच्चों को 15 किलोमीटर दूर के स्कूल अलॉट कर दिए गए। अब पोर्टल बंद होने से 25 से अधिक बच्चे दाखिले से वंचित हैं।
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उनका कहना है कि बार-बार मांग कर रहे हैं कि दाखिला पोर्टल दोबारा खोला जाए। अभिभावक अलका ने आरोप लगाया कि दो महीने लघु सचिवालय के चक्कर काटते हो गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकारी पार्टी करते हैं।
मंगलवार को मिलने गए तो यह कहकर टरका दिया कि मीटिंग चल रही है। कभी कोई अधिकारी सीट पर नहीं मिलता। अभिभावक भूमिका ने कहा कि हम जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला उपायुक्त और मंडल आयुक्त को लिखित शिकायत दे चुके हैं।
शिक्षा निदेशालय मुख्यालय में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। बच्चे घर बैठने को मजबूर हैं जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है।