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Rohtak News: अपनों ने दुत्कारा..सहारा ने दिया आसरा

Fri, 21 Aug 2026 03:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Fri, 21 Aug 2026 03:29 AM IST
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Rejected by loved ones... Sahara offered a haven.
34-सेक्टर-4 ​स्थित सहारा आश्रम में उप​स्थित वरिष्ठ नागरिक।
अभिषेक कीरत
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रोहतक। जब अपने ही अपनों को भूल जाते हैं, तब इंसानियत की मिसालें और भी चमक उठती हैं। सेक्टर-4 स्थित 1850 वर्ग गज में फैला सहारा आश्रम ऐसे ही 65 वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जिन्हें उनके अपने ही जीवन की दौड़ में पीछे छोड़ गए।
हरिओम सेवा दल की ओर से 27 वर्षों से संचालित यह आश्रम उन बेसहारा बुजुर्गों का आसरा है जिन्होंने कभी अपनों का प्यार और साथ देखा था लेकिन जीवन के अंतिम दिनों में आज वे अकेलापन महसूस कर रहे हैं। यह आश्रम न केवल उन्हें छत और भोजन दे रहा है बल्कि खोए हुए अपनेपन का एहसास कराने का भी प्रयास कर रहा है।
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सेक्टर-4 के 1850 वर्ग गज में स्थापित सहारा आश्रम में हरिओम सेवा दल 27 साल से बेसहारा वरिष्ठ नागरिकों का आसरा बना है। यहां रह रहे अधिकतर बुजुर्गों को अपनों ने बिसार दिया। दल के प्रधान आदीश जैन ने बताया कि आश्रम परिवार की तरफ से नकार दिए गए वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करता है।
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आदीश जैन ने बताया अब तक 5000 से अधिक लोगों को मदद पहुंचाई है। दल पीजीआई में वरिष्ठ नागरिकों की परेशानी में उनकी मदद करता है। वहां निशुल्क व्हील चेयर व स्ट्रेचर की व्यवस्था भी की है। इससे बुजुर्ग मरीजों को वार्ड या एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में आसानी होती है।
इस आश्रम में पंचमुखी हनुमान मंदिर व फिजियोथेरेपी सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हरिओम सेवा दल बेसहारा बुजुर्गों को भोजन, आवास व चिकित्सा सहायता प्रदान करता है। आश्रम में सुरक्षा, पोषण और मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा जाता है। संवाद
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निशुल्क इलाज के उद्देश्य से शुरू की थी पहल
यहां बुजुर्गों के लिए पंचमुखी हनुमान मंदिर व फिजियोथेरेपी सेंटर जैसी सुविधाएं हैं। दल ने 27 साल पहले गांधी कैंप में एक क्लीनिक शुरू किया था। इसका उद्देश्य मरीजों को निशुल्क इलाज प्रदान करना था। बाद में पीजीआई के सहयोग से बेसहारा लोगों को सहारा देने का कार्य आगे बढ़ाया गया। फिर आश्रम बनाकर बेसहारा नागरिकों के जीवन की जिम्मेदारी उठाने लगे।
ये बोले वरिष्ठ नागरिक:
केस:1
72 वर्षीय सुंदर ने बताया कि वह दिल्ली के रहने वाले हैं। तीन साल पहले आश्रम में आए थे। परिवार वालों ने बीमार होने के कारण घर से निकाल दिया। उनसे झगड़ा भी हुआ। बीमारी के कारण काम करने की हालत नहीं रही थी। पीजीआई से फिर हरिओम सेवा दल आश्रम में लेकर आए। यहां नया जीवन मिल गया है। अच्छा खाना-पीना, टीवी व ख्याल भी रखते हैं।

केस:2
50 वर्षीय पुष्पा एक्सीडेंट में हादसा होने पर पीजीआई पहुंची थीं। वह तीन से आश्रम में रह रही हैं। याददाश्त चली जाने के कारण परिवार वाले भी नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने बताया कि यहां स्टाफ अच्छे से ध्यान रखता है। खान-पान भी अच्छा मिलता है।

34-सेक्टर-4 स्थित सहारा आश्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिक।

34-सेक्टर-4 स्थित सहारा आश्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिक।

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