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शोधार्थियों के लिए अनुसंधान पद्धति का व्यवस्थित प्रशिक्षण आवश्यक : कुलपति
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फोटो संख्या:57- अनुसंधान पद्धति पाठ्यक्रम के ब्रोशर का विमोचन करने कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार-
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीजी, पीएचडी व पोस्ट-डॉक्टोरल शोधार्थियों के लिए आयोजित होने वाले 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स (आरएमसी) के ब्रोशर का विमोचन कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार एवं समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने किया। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि शोधार्थियों के लिए अनुसंधान पद्धति का व्यवस्थित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने अर्थशास्त्र विभाग की ओर से शोधार्थियों की अनुसंधान क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से प्रायोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर 14 से 23 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
यह होंगे कार्यक्रम
व्याख्यानों के साथ-साथ हैंड्स-ऑन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे जिनमें संपूर्ण अनुसंधान प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिभागियों को एसपीएसएस व आर जैसे विश्लेषणात्मक सॉफ्टवेयर के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में अर्थशास्त्र, प्रबंधन, सांख्यिकी व डेटा साइंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों के रूप में मार्गदर्शन देंगे। यह कार्यक्रम देशभर के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के एमए, पीएचडी व पोस्ट-डॉक्टोरल शोधार्थियों के लिए खुला है। पाठ्यक्रम में कुल 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि दो अप्रैल निर्धारित की गई है।
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समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने अर्थशास्त्र विभाग की ओर से शोधार्थियों की अनुसंधान क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से प्रायोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर 14 से 23 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
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यह होंगे कार्यक्रम
व्याख्यानों के साथ-साथ हैंड्स-ऑन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे जिनमें संपूर्ण अनुसंधान प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिभागियों को एसपीएसएस व आर जैसे विश्लेषणात्मक सॉफ्टवेयर के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में अर्थशास्त्र, प्रबंधन, सांख्यिकी व डेटा साइंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों के रूप में मार्गदर्शन देंगे। यह कार्यक्रम देशभर के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के एमए, पीएचडी व पोस्ट-डॉक्टोरल शोधार्थियों के लिए खुला है। पाठ्यक्रम में कुल 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि दो अप्रैल निर्धारित की गई है।