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Sirsa News: सीडीएलयू में वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा व हवन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:06 AM IST
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शहर में वसंत पंचमी उत्सव में रही पतंगबाजी और हर्षोल्लास की धूम
दिनभर डीजे की धुन पर थिरकते रहे बच्चे व युवा
फोटो- 22
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। वसंत पंचमी पर्व शुक्रवार को बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार शहरवासियों ने पीले रंग के वस्त्र पहनकर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और दिनभर पतंगबाजी का आनंद लिया।
दिनभर नवविवाहित जोड़े, बच्चे, युवा और महिलाएं डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। सुबह और रात के समय हल्की बरसात और ठंडक के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। सूरज निकलने के बाद शहर की छतों पर पूरा दिन लोग पतंगबाजी में व्यस्त रहे। छतों पर ही ब्रेकफास्ट, लंच और जश्न की व्यवस्था भी की गई।
बाजारों में पतंग, मांझे और खान-पान की दुकानों पर भीड़ रही। लोग अपनी पसंद की पतंग और मांझा खरीदते नजर आए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, फिर भी कई लोगों ने इसका इस्तेमाल किया। वसंत पंचमी को हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे शुभ दिन माना जाता है और वसंत ऋतु का आगमन प्रतीक माना जाता है। पंजाब और आस-पास के इलाकों में इस दिन खासतौर पर पतंगबाजी की जाती है। इस बार भी शहरवासियों ने परंपरा निभाते हुए उत्साह और आनंद के साथ पर्व मनाया।
राजेंद्रा इंस्टीट्यूट में हवन से हुआ मां सरस्वती पूजन
फोटो- 15
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर राजेंद्रा इंस्टीटयूट में विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए हवन एवं पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन की पवित्र अग्नि ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और स्टाफ ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कर उज्जवल भविष्य, संस्थान की उन्नति और समाज की समृद्धि की कामना की। संस्थान के चेयरमैन एनके गुप्ता, सचिव पुलकित गुप्ता, मैनेजमेंट सदस्य अंजलि गुप्ता, कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. संजीव कालरा, काउंसलर एकता कालरा, राजेंद्रा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य कुलविंद्र कौर, डॉ. राम, कुलवंत सिंह, परवरिश कंबोज सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
सभी ने श्रद्धा भाव से मां सरस्वती पूजन में भाग लिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं और उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण कर माहौल को और भक्तिभावपूर्ण बनाया गया।
सीडीएलयू में वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा व हवन,
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम्र
फोटो-- 3
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा । चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगीत विभाग और संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सरस्वती पूजा एवं हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संगीत और ज्ञान परंपरा के प्रति आस्था और जागरूकता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विधिवत हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित संजीव शर्मा, पंडित. मनमोहन, पंडित विशाल और पंडित मनन ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। इसके पश्चात मां सरस्वती की आराधना और आरती की गई। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना तथा मधुर गीत-संगीत के माध्यम से विद्या की देवी की उपासना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अंकुश लाडवाल ने तबला और कीबोर्ड पर, कमलकांत व ललित ने तबला एवं हारमोनियम पर, सागर ने गिटार पर तथा अंशदीप ने ढोलक पर संगत कर कार्यक्रम को संगीतमय बनाया। चारू, कनुप्रिया, करणदीप कौर, सोनू, ऋतिक, लवप्रीत, राजबीर, हर्षविंदर सहित अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुशील कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. राजकुमार, संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश रानी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रोहतास, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक मलिक सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
वसंत पंचमी पर वैदिक सत्संग में बताया गया ऋतु का आध्यात्मिक महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। आर्यसमाज कोर्ट रोड सिरसा में साप्ताहिक हवन यज्ञ व वैदिक सत्संग के दौरान वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यकारी प्रधान भूपसिंह गहलोत ने कहा कि वेदों के अनुसार वसंत ऋतु माघ शुक्ल पंचमी को आती है और इस समय प्रकृति के पंचतत्व सौम्य रूप धारण करते हैं, जिससे मन और भावनाएं कोमल हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि वसंत ऋतु नवनिर्माण और आनंद का संदेश देती है तथा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की ओर प्रेरित करती है। इस अवसर पर मां सरस्वती की उपासना की गई। हवन यज्ञ के बाद वैदिक भजनों, शांतिपाठ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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दिनभर डीजे की धुन पर थिरकते रहे बच्चे व युवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। वसंत पंचमी पर्व शुक्रवार को बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार शहरवासियों ने पीले रंग के वस्त्र पहनकर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और दिनभर पतंगबाजी का आनंद लिया।
दिनभर नवविवाहित जोड़े, बच्चे, युवा और महिलाएं डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। सुबह और रात के समय हल्की बरसात और ठंडक के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। सूरज निकलने के बाद शहर की छतों पर पूरा दिन लोग पतंगबाजी में व्यस्त रहे। छतों पर ही ब्रेकफास्ट, लंच और जश्न की व्यवस्था भी की गई।
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बाजारों में पतंग, मांझे और खान-पान की दुकानों पर भीड़ रही। लोग अपनी पसंद की पतंग और मांझा खरीदते नजर आए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, फिर भी कई लोगों ने इसका इस्तेमाल किया। वसंत पंचमी को हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे शुभ दिन माना जाता है और वसंत ऋतु का आगमन प्रतीक माना जाता है। पंजाब और आस-पास के इलाकों में इस दिन खासतौर पर पतंगबाजी की जाती है। इस बार भी शहरवासियों ने परंपरा निभाते हुए उत्साह और आनंद के साथ पर्व मनाया।
राजेंद्रा इंस्टीट्यूट में हवन से हुआ मां सरस्वती पूजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर राजेंद्रा इंस्टीटयूट में विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए हवन एवं पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन की पवित्र अग्नि ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और स्टाफ ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कर उज्जवल भविष्य, संस्थान की उन्नति और समाज की समृद्धि की कामना की। संस्थान के चेयरमैन एनके गुप्ता, सचिव पुलकित गुप्ता, मैनेजमेंट सदस्य अंजलि गुप्ता, कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. संजीव कालरा, काउंसलर एकता कालरा, राजेंद्रा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य कुलविंद्र कौर, डॉ. राम, कुलवंत सिंह, परवरिश कंबोज सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
सभी ने श्रद्धा भाव से मां सरस्वती पूजन में भाग लिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं और उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण कर माहौल को और भक्तिभावपूर्ण बनाया गया।
सीडीएलयू में वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा व हवन,
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम्र
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा । चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगीत विभाग और संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सरस्वती पूजा एवं हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संगीत और ज्ञान परंपरा के प्रति आस्था और जागरूकता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विधिवत हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित संजीव शर्मा, पंडित. मनमोहन, पंडित विशाल और पंडित मनन ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। इसके पश्चात मां सरस्वती की आराधना और आरती की गई। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना तथा मधुर गीत-संगीत के माध्यम से विद्या की देवी की उपासना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अंकुश लाडवाल ने तबला और कीबोर्ड पर, कमलकांत व ललित ने तबला एवं हारमोनियम पर, सागर ने गिटार पर तथा अंशदीप ने ढोलक पर संगत कर कार्यक्रम को संगीतमय बनाया। चारू, कनुप्रिया, करणदीप कौर, सोनू, ऋतिक, लवप्रीत, राजबीर, हर्षविंदर सहित अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुशील कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. राजकुमार, संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश रानी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रोहतास, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक मलिक सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
वसंत पंचमी पर वैदिक सत्संग में बताया गया ऋतु का आध्यात्मिक महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। आर्यसमाज कोर्ट रोड सिरसा में साप्ताहिक हवन यज्ञ व वैदिक सत्संग के दौरान वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यकारी प्रधान भूपसिंह गहलोत ने कहा कि वेदों के अनुसार वसंत ऋतु माघ शुक्ल पंचमी को आती है और इस समय प्रकृति के पंचतत्व सौम्य रूप धारण करते हैं, जिससे मन और भावनाएं कोमल हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि वसंत ऋतु नवनिर्माण और आनंद का संदेश देती है तथा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की ओर प्रेरित करती है। इस अवसर पर मां सरस्वती की उपासना की गई। हवन यज्ञ के बाद वैदिक भजनों, शांतिपाठ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
