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Sonipat News: कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर 4.63 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार
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फोटो :: सोनीपत पुलिस की तरफ से साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी। स्रोत पुलिस प्रवक्त
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सोनीपत। कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर युवक से 4.63 लाख रुपये की ठगी के मामले का साइबर पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सोनीपत शहर निवासी एक युवक ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि वह छात्र है। 28 मार्च को गूगल क्रोम पर एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें ओकेल्यूट नामक वेबसाइट के जरिए कॉल गर्ल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसका संपर्क एक व्हाट्सएप नंबर से हुआ, जहां विभिन्न सर्विस ऑफर बताए गए।
पीड़ित ने तीन घंटे की सेवा के लिए 4,000 रुपये का विकल्प चुना और 1,000 रुपये एडवांस ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बाद आरोपियों ने वेरिफिकेशन, सिटी चार्ज, टैक्स और अन्य बहानों के नाम पर लगातार पैसे मांगने शुरू कर दिए और रकम लौटाने का झांसा देते रहे।
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आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी के जरिए पीड़ित से 58 बार में पैसे ट्रांसफर कराए। इस दौरान पीड़ित से उसकी माता के बैंक खाते से करीब 4.63 लाख रुपये विभिन्न खातों में डलवा लिए गए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो कोई सेवा दी और न ही पैसे लौटाए।
मामले में डीसीपी पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के गांव गामड़ी देवकी से आरोपियों देवशंकर, प्रकाश और ईश्वर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
तकनीकी जांच से खुला राज
साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रेल, मोबाइल लोकेशन और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और राजस्थान में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस की अपील
साइबर थाना प्रभारी पवन कुमार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
सोनीपत शहर निवासी एक युवक ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि वह छात्र है। 28 मार्च को गूगल क्रोम पर एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें ओकेल्यूट नामक वेबसाइट के जरिए कॉल गर्ल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसका संपर्क एक व्हाट्सएप नंबर से हुआ, जहां विभिन्न सर्विस ऑफर बताए गए।
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पीड़ित ने तीन घंटे की सेवा के लिए 4,000 रुपये का विकल्प चुना और 1,000 रुपये एडवांस ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बाद आरोपियों ने वेरिफिकेशन, सिटी चार्ज, टैक्स और अन्य बहानों के नाम पर लगातार पैसे मांगने शुरू कर दिए और रकम लौटाने का झांसा देते रहे।
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मामले में डीसीपी पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के गांव गामड़ी देवकी से आरोपियों देवशंकर, प्रकाश और ईश्वर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
तकनीकी जांच से खुला राज
साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रेल, मोबाइल लोकेशन और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और राजस्थान में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस की अपील
साइबर थाना प्रभारी पवन कुमार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।