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Sonipat News: राज्यसभा सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख ठगे
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माई सिटी रिपोर्टर
सोनीपत। मुरथल निवासी शुभम कौशिक ने शहर के देवड़ू रोड निवासी नवीन खत्री पर राज्यसभा सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। मुरथल थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुभम कौशिक ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उनकी मुलाकात नवीन खत्री से हुई थी। उसने बताया था कि वह विभिन्न मंत्रालयों में उच्चाधिकारियों को जानता है और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाता है।
उसने झारखंड के अमित रंजन से उनकी बात करवाई। अमित रंजन ने बातचीत के दौरान बताया कि वह राज्यसभा सचिवालय में कार्यरत है और यह नौकरी उसे नवीन खत्री ने दिलवाई है।
नवीन खत्री ने उसे भी राज्यसभा सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी की नौकरी दिलवाने का ऑफर दिया और इसके लिए 25 लाख रुपये मांगे। नौकरी के लालच में आकर उन्होंने नवंबर में अपने पिता के दोस्त के खाते से 20 लाख रुपये अमित रंजन के खाते में और अपनी मां के खाते से पांच लाख रुपये नवीन खत्री के खाते में डलवा दिए।
पैसा दिए जाने के कुछ दिनों बाद उसे दिल्ली में कृषि भवन में बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया। कहा कि शीघ्र ही उसे ज्वाइनिंग के लिए बुलाया जाएगा। नियुक्ति पत्र मिलने के महीनों बाद भी जब नौकरी के लिए फोन नहीं आया तो उन्होंने नवीन से संपर्क किया लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा।
इस पर उसे शक हुआ और नियुक्ति पत्र की जांच करवाई तो वह फर्जी निकला। उन्होंने अपने पैसे मांगे तो उसे नवीन धमकी देने लगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शुभम कौशिक ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उनकी मुलाकात नवीन खत्री से हुई थी। उसने बताया था कि वह विभिन्न मंत्रालयों में उच्चाधिकारियों को जानता है और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी लगवाता है।
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उसने झारखंड के अमित रंजन से उनकी बात करवाई। अमित रंजन ने बातचीत के दौरान बताया कि वह राज्यसभा सचिवालय में कार्यरत है और यह नौकरी उसे नवीन खत्री ने दिलवाई है।
नवीन खत्री ने उसे भी राज्यसभा सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी की नौकरी दिलवाने का ऑफर दिया और इसके लिए 25 लाख रुपये मांगे। नौकरी के लालच में आकर उन्होंने नवंबर में अपने पिता के दोस्त के खाते से 20 लाख रुपये अमित रंजन के खाते में और अपनी मां के खाते से पांच लाख रुपये नवीन खत्री के खाते में डलवा दिए।
पैसा दिए जाने के कुछ दिनों बाद उसे दिल्ली में कृषि भवन में बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया। कहा कि शीघ्र ही उसे ज्वाइनिंग के लिए बुलाया जाएगा। नियुक्ति पत्र मिलने के महीनों बाद भी जब नौकरी के लिए फोन नहीं आया तो उन्होंने नवीन से संपर्क किया लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा।
इस पर उसे शक हुआ और नियुक्ति पत्र की जांच करवाई तो वह फर्जी निकला। उन्होंने अपने पैसे मांगे तो उसे नवीन धमकी देने लगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।