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Sonipat News: रिश्वत मामले में आरोपी एएसआई की जमानत मंजूर

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 27 Apr 2026 02:05 AM IST
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Bail of accused ASI in bribery case granted
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सोनीपत। नकली घी बनाने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी से मामले को रफा-दफा करने की एवज में ली गई लाखों की रिश्वत मामले में एडीजे नरेंद्र सिंह ने आरोपी एएसआई संदीप को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। एक लाख का निजी मुचलका और इतनी ही राशि का एक जमानती अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
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इसी साल 10 जनवरी को पुलिस आयुक्त कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया था कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार, आरोपी गांव खिड़वाली, रोहतक निवासी एएसआई संदीप, हेड कांस्टेबल बासौ और कांस्टेबल दुष्यंत की ओर से भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि नंद किशोर उर्फ नरेश, जो पहले मिलावटी घी बनाने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था, ने आरोप लगाया कि उससे और साथियों से मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत ली गई।
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आरोप है कि एएसआई संदीप और अन्य पुलिसकर्मियों ने बिचौलिए राजेश शर्मा के माध्यम से 14 लाख और 5 लाख रुपये की रिश्वत ली। यह भी आरोप है कि तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार और एएसआई संदीप ने जांच को गुमराह करने के लिए कुछ व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से शामिल किए। आरोपी संदीप को 17 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से 1,50,000 रुपये की वसूली का दावा किया गया है।

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सह-अभियुक्त इंस्पेक्टर अरुण कुमार की गिरफ्तारी होने पर आवेदक का उनसे आमना-सामना कराना आवश्यक होगा। जबकि आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। वह मुख्य जांच अधिकारी नहीं था और उसने केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कागजी कार्रवाई की थी। जांच पूरी हो चुकी है, चालान पेश किया जा चुका है और मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी प्राप्त नहीं हुई है। जिससे मुकदमे में देरी होना तय है।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि आरोपी संदीप मुख्य जांच अधिकारी नहीं था बल्कि केवल रिकॉर्ड तैयार कर रहा था। यह रंगे हाथ पकड़े जाने वाला मामला नहीं है। आरोपी 17 फरवरी से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार की गिरफ्तारी तक उसे हिरासत में रखा जाए, मान्य नहीं है। क्योंकि पुलिस स्वयं अपने ही विभाग के अधिकारी को गिरफ्तार करने में असमर्थ रही है। आरोपी संदीप को जमानत दी जाती है। साथ ही आदेश दिया कि वह बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ेगा। जमानत के दौरान कोई अन्य अपराध नहीं करेगा। गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेगा।
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