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Sonipat News: हाइड्रोजन ट्रेन में सफर बना यादगार, विद्यार्थी बोले-अविस्मरणीय पल
Sun, 19 Jul 2026 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:04 AM IST
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फोटो : बृजेश भारद्वाज
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत/गोहाना। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलने पर छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जींद से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई ट्रेन जब दोपहर करीब 12:30 बजे गोहाना स्टेशन पहुंची तो वहां विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग सहित विभिन्न संकायों की 176 छात्राओं को इस ऐतिहासिक ट्रेन की पहली यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर मिला। जींद से सफर कर गोहाना और मोहाना से सोनीपत रेलवे जंक्शन पर पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी यादगार यात्रा के अनुभव साझा किए।
हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रा करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि यह केवल ट्रेन का सफर नहीं बल्कि देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम का साक्षी बनने का अवसर था।
यात्रा के दौरान उन्हें हाइड्रोजन तकनीक को नजदीक से समझने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे जीवन का अविस्मरणीय पल बताया। छात्र युवराज ने बताया कि ट्रेन का सफर बेहद आरामदायक, शांत और यादगार रहा। ऐसा लगा मानो कोई सपना साकार हो गया हो।
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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना गर्व की बात है। यह भारत की प्रगति और आधुनिक तकनीक का प्रतीक है।
- खुशबू, छात्रा
इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। भविष्य में वह परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी इस गौरवपूर्ण पल के बारे में बताएंगी।
- अन्नू, छात्रा
पहले दिन इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए चयनित होना अपने आप में सम्मान की बात है। जैसे ही यात्रा का पास मिला, तभी से इस पल का इंतजार था।
- मीनाक्षी शर्मा, छात्रा
यात्रा के दौरान सबसे अधिक आकर्षण हाइड्रोजन तकनीक रही। पूरे सफर में विद्यार्थी इसी नई तकनीक और इसके पर्यावरणीय लाभों पर चर्चा करते रहे। भविष्य में ऐसी आधुनिक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित ट्रेनें भारतीय रेलवे की नई पहचान बनेंगी।
- सुधांशु कुमार, छात्र
भावी पीढ़ी के लिए प्रदूषण मुक्त ट्रेनें चलना फायदेमंद है। देश में पहली बार शुरू हुई हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना बेहद आसान रहा है।
बृजेश भारद्वाज, छात्र
मुझे पहली बार देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में बैठने का अवसर मिला है। हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने के लिए न बिजली की आवश्यकता है ओर न ही पेट्रोल व डीजल की जरूरत। पानी से चलने वाली यह ट्रेन बहुत भी कामयाब रहेगी।
- नियति, छात्रा
आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि से हाइड्रोजन ट्रेन काफी बेहतर है। मोहाना से सोनीपत रेलवे स्टेशन तक मैंने इस ट्रेन से ऐतिहासिक यात्रा की। मैं इस यात्रा को जीवनभर भूल नहीं पाऊंगी।
प्रियंका, छात्रा
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सोनीपत/गोहाना। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलने पर छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जींद से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई ट्रेन जब दोपहर करीब 12:30 बजे गोहाना स्टेशन पहुंची तो वहां विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग सहित विभिन्न संकायों की 176 छात्राओं को इस ऐतिहासिक ट्रेन की पहली यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर मिला। जींद से सफर कर गोहाना और मोहाना से सोनीपत रेलवे जंक्शन पर पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी यादगार यात्रा के अनुभव साझा किए।
हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रा करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि यह केवल ट्रेन का सफर नहीं बल्कि देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम का साक्षी बनने का अवसर था।
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यात्रा के दौरान उन्हें हाइड्रोजन तकनीक को नजदीक से समझने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे जीवन का अविस्मरणीय पल बताया। छात्र युवराज ने बताया कि ट्रेन का सफर बेहद आरामदायक, शांत और यादगार रहा। ऐसा लगा मानो कोई सपना साकार हो गया हो।
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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना गर्व की बात है। यह भारत की प्रगति और आधुनिक तकनीक का प्रतीक है।
- खुशबू, छात्रा
इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। भविष्य में वह परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी इस गौरवपूर्ण पल के बारे में बताएंगी।
- अन्नू, छात्रा
पहले दिन इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए चयनित होना अपने आप में सम्मान की बात है। जैसे ही यात्रा का पास मिला, तभी से इस पल का इंतजार था।
- मीनाक्षी शर्मा, छात्रा
यात्रा के दौरान सबसे अधिक आकर्षण हाइड्रोजन तकनीक रही। पूरे सफर में विद्यार्थी इसी नई तकनीक और इसके पर्यावरणीय लाभों पर चर्चा करते रहे। भविष्य में ऐसी आधुनिक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित ट्रेनें भारतीय रेलवे की नई पहचान बनेंगी।
- सुधांशु कुमार, छात्र
भावी पीढ़ी के लिए प्रदूषण मुक्त ट्रेनें चलना फायदेमंद है। देश में पहली बार शुरू हुई हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना बेहद आसान रहा है।
बृजेश भारद्वाज, छात्र
मुझे पहली बार देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में बैठने का अवसर मिला है। हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने के लिए न बिजली की आवश्यकता है ओर न ही पेट्रोल व डीजल की जरूरत। पानी से चलने वाली यह ट्रेन बहुत भी कामयाब रहेगी।
- नियति, छात्रा
आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि से हाइड्रोजन ट्रेन काफी बेहतर है। मोहाना से सोनीपत रेलवे स्टेशन तक मैंने इस ट्रेन से ऐतिहासिक यात्रा की। मैं इस यात्रा को जीवनभर भूल नहीं पाऊंगी।
प्रियंका, छात्रा

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

फोटो : बृजेश भारद्वाज- फोटो : Archive

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