{"_id":"69f21500e947dc387b0800e0","slug":"lakhs-of-quintals-of-wheat-soaked-in-mandis-questions-raised-over-delays-in-lifting-sonipat-news-c-197-1-snp1003-153202-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: मंडियों में भीगा लाखों क्विंटल गेहूं, उठान में देरी पर सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: मंडियों में भीगा लाखों क्विंटल गेहूं, उठान में देरी पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 30 Apr 2026 03:55 AM IST
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत की नई अनाज मंडी में गेहूं के ढेर के पास भरा बारिश का पानी। संवाद
विज्ञापन
सोनीपत/खरखौदा। हल्की बारिश के कारण जिले की अनाज मंडियों में खुले व बैग में पड़ा लाखों टन गेहूं भीग गया। देर रात आई बारिश व हवा ने अनाज मंडियों में आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी। सोनीपत व खरखौदा मंडी में खुले पड़े गेहूं के साथ गेहूं से भरे पांच लाख बैग भी भीग गए। मार्केट कमेटी प्रशासन व खरीद एजेंसियों ने तिरपाल तक की व्यवस्था नहीं की थी।
मंगलवार को रात अचानक मौसम बदला और तेज हवा के बाद बारिश शुरू हो गई। बेहतर प्रबंध नहीं होने की वजह से मंडियों में गेहूं भीग गया। खरीद एजेंसियाें के पास बारदाने का संकट होने की वजह से गेहूं का उठान कम हो रहा है। सरकार की ओर से गेहूं की खरीद के बाद भुगतान तभी किया जाता है जब बैग उठाकर गोदाम में पहुंचा दिए जाते हैं।
आढ़तियों का कहना है कि उठान में देरी और समय पर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था न होने के चलते यह स्थिति बनी। अगर समय रहते गेहूं का उठान हो गया होता तो आज मंडी में गेहूं बारिश में न भीगता। आढ़तियों ने बताया कि यह सब सरकारी तंत्र की लापरवाही का ही परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टरों की ओर से समय पर ट्रक उपलब्ध नहीं करवाए गए जिससे गेहूं लंबे समय तक मंडी में ही पड़ा रहा। इसी लापरवाही का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है। आढ़तियों के अनुसार अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि भीगा हुआ गेहूं खरीद एजेंसियां सीधे तौर पर स्वीकार नहीं करेंगी।
उन्हें पहले बैग खोलकर गेहूं को सुखाना होगा फिर दोबारा भरकर तैयार करना पड़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया में मजदूरी, समय और अतिरिक्त संसाधनों का खर्च भी आढ़तियों को ही उठाना पड़ेगा।
हमने बार-बार उठान तेज करने की मांग की थी लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। खानापूर्ति करते हुए रोस्टर तक बनाए गए लेकिन व्यवस्था में बदलाव नहीं आया। अगर व्यवस्था दुरुस्त होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
- नरेश दहिया, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
नहीं होता स्थाई समाधान
आढ़तियों ने कहा कि हर साल वर्षा के समय ऐसी समस्या सामने आती है लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। वर्षों से अधूरे मंडी के शेड को पूरा करने की मांग करते आ रहे हैं। वे संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के समक्ष इस मांग को उठा चुके हैं लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
Trending Videos
मंगलवार को रात अचानक मौसम बदला और तेज हवा के बाद बारिश शुरू हो गई। बेहतर प्रबंध नहीं होने की वजह से मंडियों में गेहूं भीग गया। खरीद एजेंसियाें के पास बारदाने का संकट होने की वजह से गेहूं का उठान कम हो रहा है। सरकार की ओर से गेहूं की खरीद के बाद भुगतान तभी किया जाता है जब बैग उठाकर गोदाम में पहुंचा दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आढ़तियों का कहना है कि उठान में देरी और समय पर ट्रांसपोर्ट व्यवस्था न होने के चलते यह स्थिति बनी। अगर समय रहते गेहूं का उठान हो गया होता तो आज मंडी में गेहूं बारिश में न भीगता। आढ़तियों ने बताया कि यह सब सरकारी तंत्र की लापरवाही का ही परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टरों की ओर से समय पर ट्रक उपलब्ध नहीं करवाए गए जिससे गेहूं लंबे समय तक मंडी में ही पड़ा रहा। इसी लापरवाही का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है। आढ़तियों के अनुसार अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि भीगा हुआ गेहूं खरीद एजेंसियां सीधे तौर पर स्वीकार नहीं करेंगी।
उन्हें पहले बैग खोलकर गेहूं को सुखाना होगा फिर दोबारा भरकर तैयार करना पड़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया में मजदूरी, समय और अतिरिक्त संसाधनों का खर्च भी आढ़तियों को ही उठाना पड़ेगा।
हमने बार-बार उठान तेज करने की मांग की थी लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। खानापूर्ति करते हुए रोस्टर तक बनाए गए लेकिन व्यवस्था में बदलाव नहीं आया। अगर व्यवस्था दुरुस्त होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
- नरेश दहिया, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
नहीं होता स्थाई समाधान
आढ़तियों ने कहा कि हर साल वर्षा के समय ऐसी समस्या सामने आती है लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। वर्षों से अधूरे मंडी के शेड को पूरा करने की मांग करते आ रहे हैं। वे संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के समक्ष इस मांग को उठा चुके हैं लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।

फोटो : सोनीपत की नई अनाज मंडी में गेहूं के ढेर के पास भरा बारिश का पानी। संवाद

फोटो : सोनीपत की नई अनाज मंडी में गेहूं के ढेर के पास भरा बारिश का पानी। संवाद

फोटो : सोनीपत की नई अनाज मंडी में गेहूं के ढेर के पास भरा बारिश का पानी। संवाद
